Manoranjan
Cinema
Bollywood Bollywood परदे के पीछे.
‘धूम’ श्रंखला के लिए प्रसिद्ध संजय गड़वी की नई फिल्म ‘किडनैप’ प्रदर्शन के लिए तैयार है। ‘धूम’ से संजय गड़वी की शैली यह उभरकर आई कि वे गतिमान एक्शन फिल्में बनाते हैं और एक के बाद एक रोमांचक घटना दर्शक को तर्क और संभावना के दायरे से बाहर ले जाती है।
उनके खलनायक, नायकों से ज्यादा चतुर और बहादुर होते हैं और नायिकाएं भी लड़ाकू होती हैं। संजय रिश्तों की गहराई के फिल्मकार नहीं होते हुए भव्यता, गति और लंबाई-चौड़ाई के फिल्मकार हैं। उनकी ताजा फिल्म में नायक संजयदत्त का तलाक हो चुका है और उनकी बेटी को अगवा कर लिया गया है।
निहायत ही रईस संजयदत्त से किडनैप करने वाले ढेर से रुपए के साथ ही कुछ काम भी करवाना चाहते हैं और ये काम उन्हें अपराधी बना देंगे, परंतु बेटी की रक्षा उनका प्रथम कर्तव्य है।
हाल ही में एचबीओ पर ‘एस्सेस बैगेज’ नामक फिल्म बार-बार दिखाई जा रही है। फिल्म का नायक महंगी कारें चुराता है और अपराधी दल को बेचता है। नायिका अरबपति बाप की बिगड़ैल दिमाग लड़की है जो मन ही मन अपने पिता के पाप की कमाई से सख्त नाराज है। नायिका स्वयं के किडनैप का तमाशा रचती है परंतु जिस कार की डिक्की में उसने स्वयं को बंद करवाया है, उसे नायक चुरा लेता है। चोर और अमीरजादी अपने पिता के जासूसों और चोरी के कार विक्रेता के गुंडों से बचकर भाग रहे हैं। इस प्रक्रिया में उन्हें प्यार हो जाता है।
यह बताना कठिन है कि इस फिल्म का कितना प्रभाव संजय गड़वी की फिल्म पर है परंतु इस फिल्म के किडनैपर की भूमिका में इमरान नजर आएंगे, जिन्होंने अपने मामा आमिर की फिल्म ‘जाने तू या जाने ना’ में युवा प्रेमी की भूमिका में कमाल किया है।
अपनी दूसरी ही फिल्म में इमरान एक नकारात्मक भूमिका में नजर आएंगे। गौरतलब यह है कि संजय गड़वी ने इसी तरह की नकारात्मक भूमिका में जॉन अब्राहम (धूम) और रितिक रोशन (धूम-२) को मनोरंजक ढंग से प्रस्तुत किया था और दोनों ही फिल्मों के पारंपरिक नायक अभिषेक बच्चन को कमजोर भूमिकाएं मिली थीं।
दरअसल ‘धूम दो’ में रितिक की कामयाबी के बाद ही अभिषेक बच्चन ने स्वयं को सुपरमैन नायक की भूमिका में प्रस्तुत करने की जवाबदेही अपने बाल सखा निर्देशक गोल्डी बहल को दी।
परिणामस्वरूप 60 करोड़ के बजट की ‘द्रोणा’ प्रदर्शन के लिए तैयार है। यह फिल्म इमरान के लिए एक चुनौती है और संजय गड़वी के लिए भी, क्योंकि उन्होंने यश चोपड़ा के प्रभाव क्षेत्र से बाहर पहली फिल्म बनाई है। इस तरह की नकारात्मक भूमिकाओं में एक किस्म का खिलंदड़पन होता है जो दर्शक को अच्छा लगता है जैसे उन्हें बिगड़ैल अमीरजादी को खुद को किडनैप करना भाता है।