इस्लामाबाद.कुख्यात आतंकवादी संगठन अलकायदा का दूसरे सबसे प्रमुख सदस्य अयमान अल जवाहिरी के ठिकाने का पुख्ता पता लगाने के बावजूद पाकिस्तानी सुरक्षा बल उसे पकड़ने में चूक गए।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के आंतरिक सुरक्षा मामलों के सलाहकार रहमान मलिक ने सोमवार देर शाम यह खुलासा किया।
जवाहिरी तथा अल कायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन ११ सितम्बर २क्क्१ को अमेरिका में हुए आतंकवादी हमलों के बाद से अफगान सीमा से लगे पाकिस्तान के पख्तून कबीलाई इलाकों में छिपे हैं।
हालांकि श्री मलिक ने घटनाक्रम को ब्योरा देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जवाहिरी पाकिस्तान के कबीलाई इलाकों और पूर्वी अफगानिस्तान के कुनार एवं पाख्तिया प्रांतों में घूमता रहता है। उन्होंने कहा, हमने एक बार उसका पक्का पता लगा लिया था लेकिन हम मौका चूक गए। वह मोहमंद एजेंसी और ज्यादातर कुनार और पाख्तिया में घूमता है।
मोहमंद एजेंसी पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत में संघ शासित कबीलाई क्षेत्र (फाटा) के अनुसार जवाहिरी अपनी पत्नी के साथ इसी इलाके में था। श्री मलिक ने बैतुल्लाह मेहसूद के संगठन तहरीके तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को अलकायदा का नया मुखौटा बताते हुए कहा कि तालिबान अलकायदा के इशारे पर काम कर रहा है तथा उसके आतंकवादियों को आश्रय एवं अन्य सुविधायें मुहैया करा रहा है।
उन्होंने कहा कि टीटीपी और अलकायदा की गतिविधियों को देखते हुए पाकिस्तान सरकार के सामने दो ही विकल्प बचे थे या तो पाकिस्तान उनके हवाले कर दे या उनके खिलाफ कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने रमजान के मौके पर सैन्य अभियान इसलिए रोका है ताकि विस्थापित लोगों को अपने घर लौटने का मौका मिल सके।लेकिन यदि वे सुरक्षा बलों पर हमला करेंगे तो जवाबी कार्रवाई की जायेगी।