bhaskar Web English
HomeNewsNational National

मरम्मत न होने से टूटा बांध

पटना.नेपाल के कुसहा में कोसी नदी पर बने एफ्लक्स बांध के टूटने से बिहार में जलप्रलय की स्थिति बनी है। पिछले तीन सालों से तटबंधों की मरम्मत में बरती गई लापरवाही इस बांध के टूटने की मुख्य वजह है। बांध पर कोसी का पानी पिछले 20 वर्षो से दबाव बना रहा था, लेकिन सतर्कता बरते जाने के कारण यह अब तक सुरक्षित था।

एफ्लक्स बांध भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बीरपुर में बना है।2005 के बाद से बांध के तटबंधों की मरम्मत में बरती जा रही लापरवाही के कारण 5 अगस्त 2008 से कोसी की तेज धारा ने एफ्लक्स बांध और बैराज के स्पर को काटना शुरू कर दिया था।

इसकी सूचना उच्चधिकारियों को दी गई थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। दो ठेकेदारों को पूरी जिम्मेदारी सौंपकर इंजीनियर से लेकर सरकार तक सब बेफिक्र हो गए थे। कटाव रोकने के लिए मौके पर न तो आवश्यक सामग्री थी और न ही मजदूर व इंजीनियर। कुप्रबंधन का आलम यह था कि बांध की निगरानी के लिए रखे गए चौकीदार भी गायब थे।

नतीजा यह हुआ कि 18 अगस्त की रात को बांध टूट गया, जिससे बिहार में हाहाकार मचा हुआ है। 1963 से 1994 के बीच भी तटबंधों के टूटने की कई घटनाएं हुईं थी, लेकिन सतर्कता बरते जाने के कारण इन्हें तुरंत दुरुस्त कर दिया गया था।

बैराज के ऊपरी क्षेत्र में है बांध :

भीमनगर बैराज के ऊपरी क्षेत्र में कोसी का पानी उचित तरीके से पहुंचाने के लिए एफ्लक्स बांध बनाया गया था। वहीं, बैराज के नीचे नदी को नियंत्रित रखने के लिए उसके दोनों किनारों पर तटबंध बनाए गए थे। नेपाल के बराह क्षेत्र में स्थित कोसी के जलाशय का पानी भीमनगर बैराज तक आता है। सप्तकोसी की धारा भी इसी में मिलती है।

कब हुआ निर्माण :

देश की आजादी के बाद भारत-नेपाल समझौते के तहत बहुउद्देशीय कोसी परियोजना बनाई गई थी, जिसे 1963 में क्रियाशील कर दिया गया था। इस परियोजना के तहत दोनों देशों की सीमा पर स्थित बीरपुर के भीमनगर में कोसी नदी पर बैराज बनाने के साथ पूर्वी और पश्चिमी नहर प्रणाली विकसित की गई थी।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: