भोपाल. राजधानीवासियों में विदेश जाने की चाहत बढ़ती जा रही है। पासपोर्ट कार्यालय में आवेदनों का अंबार लग रहा है। अकेले जुलाई में पासपोर्ट कार्यालय को करीब सात हजार आवेदन मिले, इनमें से आधे भोपाल से थे।
पासपोर्ट कार्यालय में रोजाना पौने तीन सौ पासपोर्ट जारी हो रहे हैं। इसके बावजूदएक पासपोर्ट जारी होने में सवा दो महीने का समय लग रहा है। गंगोत्री भवन स्थित पासपोर्ट कार्यालय में रोजाना कतारें लगी रहती हैं। खासतौर से सोमवार को पूरा कार्यालय खचाखच भरा रहता है।
कार्यालय में हर महीने आने वाले आवेदनों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस साल जनवरी में जहां साढ़े पांच हजार आवेदन आए थे, जुलाई में इनकी संख्या सात हजार के करीब पहुंच गई।
सप्ताह में पांच दिन खुलने वाले पासपोर्ट कार्यालय में रोजाना 275 या उससे अधिक पासपोर्ट जारी हो रहे हैं। इसके बावजूद हालत यह है कि पासपोर्ट बनने में सवा दो महीने लग रहे हैं। नियमानुसार सामान्य पासपोर्ट एक माह में और तत्काल फीस वाले पासपोर्ट एक सप्ताह में जारी होना चाहिए।
पुलिस सत्यापन में होता है विलंब : पासपोर्ट जारी करने में सबसे बड़ी अड़चन पुलिस सत्यापन में होने वाला विलंब है। तबादला होने व किसी अन्य शहर में जाकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों का सत्यापन भी कई बार अटक जाता है। दोनों शहरों में सत्यापन के बिना पासपोर्ट जारी नहीं होता।
इंदौर-जबलपुर और ग्वालियर में भी खुलें पासपोर्ट कार्यालय : पासपोर्ट एजेंट और अन्य लोग भी इस बात को मानते हैं कि इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में पासपोर्ट कार्यालय खोले जाने चाहिए। जिससे दूसरे शहरों के लोग भी आसानी से पासपोर्ट बनवा सकेंगे।
केवल बीस कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है काम : अक्टूबर 1978 से राजधानी में शुरू हुए पासपोर्ट कार्यालय में हजारों आवेदनों के निपटारे के लिए केवल बीस कर्मचारी पदस्थ हैं। 1978 से अब तक यहां कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ी, जबकि काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। इस साल रायपुर छत्तीसगढ़ में कार्यालय खोलने पर यहां से कुछ कर्मचारियों का वहां तबादला हो गया।
आनलाइन जमा कर सकते हैं आवेदन : भीड़ से बचने के लिए पासपोर्ट के लिए आनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। पर एक निर्धारित प्रारूप में सामान्य जानकारियां देना होंगी। पंजीयन के दौरान आवेदक को कंप्यूटर के जरिए पासपोर्ट कार्यालय में उपस्थित होने का समय और तारीख दी जाती है। उस तारीख और समय पर उपस्थित होने पर बिना लाइन में लगे आवेदन जमा किया जाता है। जिससे वह भीड़ से बच सकते हैं।
हम सभी मामलों के निपटारे की कोशिश करते हैं। अवकाश के दिनों में और देर रात तक भी कर्मचारी काम कर रहे हैं। कोई भी समस्या होने पर आवेदक मुझ से मिल सकते हैं।
- आरए ढोणो, पासपोर्ट अधिकारी
नई सरल पासपोर्ट प्रक्रिया
>> सरकारी कर्मचारी, उनकी पत्नी और अवयस्क आश्रित बच्चों के पासपोर्ट बिना पुलिस जांच के जारी किए जाएंगे। इसके लिए निर्धारित प्रारूप में पहचान प्रमाण पत्र और शपथ पत्र देना होगा।
>> पिछले तीन वर्षो में समाप्त हुए या अगले एक साल में समाप्त होने वाले पासपोर्ट बिना पुलिस जांच के पुन: जारी किए जाएंगे।
>> तत्काल योजना के अंतर्गत तात्कालिकता का प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं होगी।
>> सामान्य आवेदक को बाद में पुलिस सत्यापन के आधार पर तीस दिन में पासपोर्ट जारी किया जाएगा।
>> सत्यापन प्रमाण पत्र के लिए अब तहसीलदार एवं थाना प्रभारी को भी अधिकृत कर दिया गया है।
>> अवयस्क बच्चों को माता-पिता के पासपोर्ट की फोटोकापी देने पर बिना पुलिस जांच के पासपोर्ट जारी किया जाएगा।