भोपाल.
शहर में 700 से अधिक स्थानों पर बुधवार को गिरिजानंदन गणोश की प्रतिमाओं की स्थापना होगी। भाद्र शुक्ल पक्ष चतुर्थी पर घरों में गणोश पूजा सुबह से ही शुरू हो जाएगी, जबकि अधिकांश झांकियों में प्रतिमाओं की स्थापना शाम को होगी। उत्सव समितियों द्वारा दस दिन विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
शहर में सुबह से गणपति बप्पा की आरती, वंदना और जयकारों की स्वर लहरियां सुनाई पड़ने लगेंगी। शाम होने तक शहर गणपतिमय हो जाएगा। एक से बढ़कर एक झांकियां सजाई जा रही हैं। इनमें बंगाल के कलाकारों द्वारा बनाई गईं प्रतिमाएं काफी आकर्षक बन पड़ी हैं।
न्यू मार्केट, शाहपुरा, दस नंबर स्टाप, तुलसी नगर, जवाहर चौक व एमपी नगर व पुराने शहर के चौक, घोड़ा नक्कास, मंगलवारा, इतवारा, जिंसी, बरखेड़ी, जिंसी, तलैया, बस स्टैंड, करोद, छोला, स्टेशन बजारिया, कपड़ा मिल जीपीओ शाहजहांनाबाद व जिंसी में पांडाल सजाए गए हैं। घरों में विराजी जाने वाली भगवान गणोश की छोटी प्रतिमाओं की बाजारों में मंगलवार शाम तक खरीद-फरोख्त तेज रही। इनकी कीमत 15 रुपए से लेकर डेढ़ सौ रुपए तक है।
न्यू मार्केट में बाब अमरनाथ: न्यू मार्केट में मुख्य पोस्ट आफिस के सामने बाबा अमरनाथ की गुफा की प्रतिकृति को आकार दिया गया है। झांकी यहां के व्यापारी संघ द्वारा बनवाई गई है।
कृष्ण की लीलाएं: रायल मार्केट स्थित मुख्य डाकघर परिसर में श्रीकृष्ण और उनकी लीलाओं पर आधारित झांकी सजाई गई है। मंगलवारा, इतवारा, आजाद मार्केट, घोड़ा नक्कास, चांदबड़ और पटेल नगर की झाकियों में विद्युत सज्जा की गई है। अनंत चतुर्दशी चल समारोह 14 सितंबर को निकलेगा। इसके लिए वाहनों में अलग से चलित झांकियां सजाई जाएगी।
महाराष्ट्र समाज में 61वां गणोशोत्सव
तुलसी नगर स्थित महाराष्ट्र समाज बुधवार से अपना 61वां गणोशोत्सव मनाएगा। समाज के प्रचार प्रमुख अरविंद वसंत लोंढे द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि उत्सव के तहत पं. वसंत शेवलीकर का वायलिन वादन, मम्मत-जम्मत, मराठी कवि सम्मेलन, बच्चों का फेंसी ड्रेस सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। समाज के अध्यक्ष दत्तात्रेय जुगादे एवं सचिव विजय रानडे ने सभी से आयोजन में शामिल होने की अपील की है।
चांदी के सिंहासन पर आसीन होंगे गणोश
पुराना शहर के पीपल चौक में इस साल भगवान गणोश की प्रतिमा चांदी के 9 फीट ऊंचे भव्य सिंहासन पर विराजमान होगी। राजस्थान के नाथद्वारा से मंगाए गए करीब पांच लाख रुपए मूल्य के इस सिंहासन की डोलग्यारस उत्सव समिति के बैनर तले समिति के संरक्षक मोहनलाल सिंहल की अगुवाई में मंगलवार को शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा विभिन्न मार्गो से होकर पीपल चौक पहुंची चतुर्थी पर इसी सिंहासन पर गणोशजी की प्रतिमा की स्थापना होगी। साथ में रिद्धि-सिद्धि की प्रतिमाएं भी रहेंगी।
प्रशासन सतर्क
शहर में गणोश उत्सव को लेकर प्रशासन सतर्क है। झांकी संचालकों को आमजनों की सुरक्षा के साथ दुर्घटनाओं से बचाव के पर्याप्त इंतजाम करने को कहा जा रहा है।
त्योहार के मौके पर दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जिम्मेदार एजेंसियों ने सावधानियां बरतने की अपील की है। गणोशोत्सव में सजने वालीं झांकियों को देखने पूरा शहर उमड़ पड़ता है। ऐसे में छोटी सी असावधानी भी बड़ी दुर्घटना की वजह बन सकती है।
पुलिस झांकी देखने आने वाले लोगों की सुरक्षा के इंतजाम कर रही है। झांकी संचालकों को विद्युत वितरण कंपनी ने झांकी संचालकों से वैध बिजली कनेक्शन लेने की अपील की है। इसके अलावा नगर निगम ने भी उत्सव समितियों के संचालकों सेआगजनी से बचाव के लिए सावधानियां बरतने की अपील की है।
झांकियों और उनके आसपास संदिग्ध व्यक्तियों पर निगाह रखने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। झांकी संचालकों से कहा गया है कि वे अपनी ओर से सुरक्षा गार्ड तैनात करें इसके अलावा हर झांकी के पास पुलिस बल तैनात रहेगा। सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी वहां मौजूद रहेंगे, ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति झांकी के भीतर प्रवेश न कर सके।
वैध कनेक्शन लें: झांकियों के निर्माण में सबसे ज्यादा उपयोग लकड़ी और कपड़े जैसे ज्वलनशील पदार्थो का होता है। यदि झांकियां बनाते समय सतर्कता नहीं बरती गई, तो किसी दुर्घटना की आशंका से नकारा नहीं जा सकता। विद्युत वितरण कंपनी ने उत्सव समितियों से वैध बिजली कनेक्शन लेने की अपील की है। पिछले साल शहर की लगभग 150 उत्सव समितियों ने वैध बिजली कनेक्शन लिया था। नगर निगम ने सभी झांकियों के संचालकों से आग से बचाव की व्यवस्था करने की अपील की है।
गणोशोत्सव की झांकियों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर अस्थाई बिजली कनेक्शन लेने में पर्याप्त सावधानियां बरती जाना जरूरी है। बिजली फिटिंग के समय और उसके बाद इंस्पेक्शन बहुत जरूरी है।
- राकेश अग्रवाल, ए क्लास, इलेक्ट्रीकल कांट्रेक्टर
हमारी झांकी पर सीज फायर की व्यवस्था रहती है। इलेक्ट्रीशियन पूरे समय मौजूद रहता है। हम वैध कनेक्शन ही लेते हैं।
- अजय कुदेसिया, अध्यक्ष, न्यू मार्केट व्यापारी महासंघ