भोपाल. राज्य मंत्रिमंडल ने वर्र्षो से कार्यरत दैनिक वेतन भोगियों को रिक्त पद पर नियमित करने का निर्णय लिया है। दस वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके दैनिक वेतन भोगियों को पद उपलब्ध होने पर वरिष्ठता क्रम में नियमित किया जाएगा। नियमितीकरण में रोस्टर का पालन भी किया जाएगा।
रिक्त पद भरने के बाद बाकी बचे कर्मचारियों को दस वर्ष की सेवा के बाद पांच सौ रुपए प्रतिमाह विशेष भत्ता और बीस वर्ष की सेवा पूरी होने पर दूसरी अवधि के लिए पांच सौ रुपए विशेष भत्ता दिया जाएगा। चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियमित करने के लिए न्यूनतम योग्यता का बंधन हटा लिया गया है। ये फैसले मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए।
कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए पीडब्ल्यूडी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि इससे प्रदेश के लगभग 22 हजार दैनिक वेतन भोगियों में से 6-7 हजार कर्मचारी नियमित हो जाएंगे। लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में शामिल होने के लिए मप्र से हायर सेकंडरी या स्नातक करने की अनिवार्यता समाप्त करने संबंधी मामले को अगली बैठक तक के लिए मुल्तवी कर दिया गया। इस मुद्दे पर मंत्रियों में मतभेद थे।
हाउसिंग बोर्ड से मकान खरीदने वालों को दंड ब्याज में छूट बैठक में इंदौर की नौ कालोनियों समेत पूरे प्रदेश में मप्र गृह निर्माण मंडल द्वारा भाड़ाक्रय आधार पर आवंटित भवनों के हितग्राहियों को दांडिक ब्याज माफ करने का निर्णय लिया गया है।
किश्ते समय पर जमा न करने पर लगने वाले विलंबित अवधि की ब्याज और दांडिक ब्याज की राशि माफ कर दी गई है। इससे प्रदेश के लगभग 15 हजार लोग लाभान्वित होंगे। हाउसिंग बोर्ड के खजाने पर लगभग 70 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा। इन हितग्राहियों पर लगने वाले संपूर्ण ब्याज और दांडिक ब्याज की राशि में से 75 फीसदी राशि बोर्ड वहन करेगा। बाकी 25 प्रतिशत राशि सरकार बोर्ड को क्षतिपूर्ति के रूप में देगा।
ग्वालियर शहर की पेयजल समस्या दूर होगी
मंत्रिमंडल ने ग्वालियर शहर की आगामी पचास वर्र्षो की पेयजल आवश्यकता की पूर्ति के लिए ककैटो-पैहसारी बांधों से तिघरा बांध तक पाईप लाइन बिछाने की योजना को मंजूरी दे दी गई। 227 करोड़ रुपए की यह योजना तीन साल में पूरी होगी। इस योजना पर अमल जल संसाधन विभाग द्वारा किया जाएगा। अन्य विभागों से भी इस योजना के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।