भोपाल. राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को छठवें वेतनमान के साथ ही 1 जनवरी 2006 से बकाया राशि का भुगतान करने पर भी सिद्धांतत: सहमत हो गई है। लेकिन यह भुगतान कब और कैसे किया जाए, यह तय नहीं हो पा रहा है।
वित्त विभाग के अधिकारी चाहते हैं कि नए वेतनमान के निर्धारण में वक्त लगेगा। इसलिए तब तक के लिए अंतरिम राहत दे दी जाए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में बकाया राशि देने पर भी सहमति बन गई। इस बैठक में वित्त मंत्री राघवजी,मुख्य सचिव राकेश साहनी और मुख्यमंत्री के सचिवद्वय उपस्थित थे।
कर्मचारियों को एक सितंबर 2008 से छठवां वेतनमान देने की घोषणा सीएम पहले ही कर चुके हैं। इसके भुगतान का स्वरूप और बकाए भुगतान के बारे में तैयार किया गया फार्मूला बुधवार को सीएम के सामने पेश किया जाएगा।
पंद्रह फीसदी अंतरिम राहत देने की मंशा
वित्त विभाग की मंशा कर्मचारियों को अंतरिम राहत देने की है। सचिव वित्त एपी श्रीवास्तव ने इस बारे में पांच प्रस्ताव दिए हैं,लेकिन सरकारी कर्मचारियों को पंद्रह फीसदी और पेंशनरों को दस फीसदी अंतरिम राहत देने की मंशा है। इसी प्रकार उन्होंने एक जनवरी 2006 से बकाए भुगतान के बारे में दो फार्मूले सुझाए हैं।
इसमें पहला फामरूला अगले दो वर्ष तक तीस-तीस प्रतिशत और तीसरे साल चालीस प्रतिशत बकाया देने का है,जबकि दूसरे फार्मूले में चालीस फीसदी राशि वर्ष 2009 में और बाकी साठ प्रतिशत राशि 2010 में देने का प्रस्ताव है।
इस प्रस्ताव पर मुख्य सचिव और वित्त मंत्री ने भी अपनी मुहर लगा दी है,लेकिन सीएम इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं हैं। उनकी मंशा कर्मचारियों को चुनाव पूर्व छठवें वेतनमान का पूरा लाभ देने की है।