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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. किरारी सरपंच कलेश्वर सुमन की हत्या का प्रकरण पुलिस ने सुलझा लिया है। वर्चस्व की लड़ाई के चलते ही उसकी हत्या हुई थी। हत्या में सरपंच के साथी किरारी के पूर्व सरपंच गोपाल सिंह ठाकुर की अहम भूमिका थी। पुलिस ने गोपाल सिंह समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एक अन्य की तलाश की जा रही है।
मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम किरारी के सरपंच 45 वर्षीय कलेश्वर सुमन की 30 अगस्त की शाम करीब 7.30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वे गांव के पूर्व सरपंच गोपाल सिंह के साथ नहर के रास्ते से गांव जा रहे थे। वारदात के बाद पुलिस की चार टीमों को जांच का जिम्मा दिया गया। इस बीच पुलिस टीम को पता चला कि गांव के टीकम सिंह उर्फ टिक्कम पिता दादू सिंह (32 वर्ष) व बांके सिंह पिता खम्हन सिंह (27) से कलेश्वर का विवाद था। टीकम व बांके सिंह जुआ खिलाते थे।
इसका कलेश्वर विरोध करता था, वहीं गलत कार्यो के चलते ही उन्हें तालाब में मछलीपालन का ठेका नहीं दिया था। इससे वे रंजिश रखते थे। वारदात के कुछ दिनों पूर्व ही बांके का मामा ससुर उत्तम सिंह व साला भोला सिंह भी पहुंचे थे। उन्होंने हत्या का प्लान बनाकर कलेश्वर पर नजर रखनी शुरू की। गोपाल सिंह कलेश्वर के साथ ही रहता था।
आरोपियों ने गोपाल को भी अपने साथ मिला लिया। वारदात के दिन गोपाल उसे नहर के रास्ते से घर ले जाने लगा। रास्ते में आरोपी मिल गए। टीकम व बांके ने कट्टे से गोली मारी। इसके बाद अपने-अपने घर चले गए। जांच के दौरान पुलिस को दो अजनबी लोगों के गांव में देखे जाने की बात पता चली, जो बांके के रिश्तेदार उत्तम, भोला थे।
पुलिस ने गोपाल, टीकम सिंह, बांके सिंह व उत्तम सिंह के खिलाफ धारा 302, 34, 120बी, 25-27 आर्म्स एक्ट व 3 (2)(5) अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जुर्म कायम कर लिया है। आरोपियों से दो देसी कट्टा, दो कारतूस व दो बाइक जब्त किया गया है। मामले की विवेचना की जिम्मेदारी डीएसपी हेड क्वार्टर पीसी सोनकर को दी गई है। वारदात को सुलझाने में क्राइम ब्रांच की विशेष भूमिका रही।
परिजन को मिलेगा अनुदान
सरपंच कलेश्वर के परिजन को शासन की ओर से अनुदान दिया जाएगा। एसपी विवेकानंद सिन्हा ने इसके लिए शीघ्र ही प्रयास करने की बात कही है।
पुरस्कृत होंगे पुलिसकर्मी
किरारी सरपंच की हत्या के आरोपियों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। आईजी राजीवचंद्र श्रीवास्तव ने उन्हें 15000 रुपए पुरस्कार राशि देने की घोषणा की है।