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बदलाव से भी नहीं बदले रिवाज

ग्वालियर. teej गणोश चतुर्थी से एक दिन पहले मनाई जाने वाली हरतालिका तीज का स्वरूप धीरे-धीरे बदल रहा है। पूर्णत: पारंपरिक तरीके से मनाई जाने वाली तीज महिलाओं के अनुसार अब थोड़ी मॉडिफाई हो गई है।

रातभर जागकर पूजा और भजन के बीच अब फिल्मी गीतों की अंताक्षरी, फन गेम्स व तम्बोला भी इसका हिस्सा हैं। महिलाओं ने दिनभर निर्जला रहकर व्रत रखा। किसी के साथ इस व्रत में पति का प्रेमभरा सहयोग जुड़ा है तो किसी का भूखे रहने का कष्टमयी, लेकिन मजेदार अनुभव। बहू को विरासत में दिया व्रत
महिलाएं अपने पति एवं परिवार की खुशहाली के लिए हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं। यह व्रत सास अपनी बहू को और बहू अपनी बेटी व बहू को विरासत के रूप में सौंपती है। तीज पर रेत के शिव और पार्वती बनाकर उन्हें फल-फूल, बेलपत्र, ककड़ी, भुट्टा, नारियल और धतूरे चढ़ाए गए। हरतालिका तीज के व्रत में पूजा और आरती का खास महत्व रहता है। पहली पूजा रात ८ से ९ बजे के बीच और फिर हर दो घंटे बाद आरती की गई। वैसे तो तीज का व्रत शादीशुदा महिलाएं करती हैं, लेकिन कुंवारी लड़कियों ने भी अच्छे वर के लिए यह व्रत किया।

व्रत और बेटी का जन्मदिन
83 वर्षीय कृष्णा कुमारी शर्मा का कहना है कि यह व्रत काफी कठिन है। खासतौर पर तब ज्यादा कठिन लगता है जब गर्मी अपने तेवर दिखा रही हो। वह बताती हैं कि 55 सालों से यह व्रत रखती र्आई हैं। तीज के दिन ही उनकी बेटी का जन्म हुआ था इसलिए वह पूरा दिन उसके साथ ही गुजारती हैं। इस वर्ष भी उन्होंने अपनी बेटी को घर बुलवाया और उसका जन्मदिवस सेलिब्रेट किया। उनका कहना है कि पति तो अब व्रत के लिए मना करते हैं, लेकिन मैं इसे मरते दम तक रखती रहूंगी।

टीवी के साथ बिताया दिन
54 वर्षीय प्रमिला माहेश्वरी बताती हैं कि वैसे तो वह दिन में कभी सोती नहीं, लेकिन तीज वाले दिन बहुत नींद आती है। बोरियत मिटाने व नींद भगाने के लिए उन्होंने टीवी का सहारा लिया और तीन फिल्में देखीं। उनका कहना है कि जब पहली बार मैंने तीज का व्रत रखा तब सास ने पानी पिलाने का रिवाज शुरू कर दिया था, इसलिए वह दिन में एक बार पानी पी लेती हैं। समय व्यतीत करने के लिए रात को सहेलियों के साथ मिलकर पूजा का मजा लिया।

सुबह का रहा इंतजार
नीता चौहान भले ही अविवाहित हैं, लेकिन वे चार साल से यह व्रत रख रही हैं। उन्होंने पूरा दिन घर वालों के साथ बिताया। उनका कहना है कि दिन बहुत मुश्किल से गुजरता है, बस उन्हें तो इंतजार था कि कब सुबह हो और वह पानी पिएं। उन्होंने रिलेटिव्स को घर में इकट्ठा कर लिया था और उनके साथ गपशप एवं मस्ती करते हुए व्रत को एन्जॉय किया। नीता ने अच्छे जीवनसाथी पाने के लिए व्रत रखा है।

पति के मिले निर्देश
पुष्पा चौहान बताती हैं कि उनके पति एक दिन पहले ही मिठाई और आइसक्रीम ले आए थे, जिससे उन्होंने सुबह सरगी खाई। उनका कहना है कि गर्र्मी की वजह से व्रत रखने में काफी समस्या हो रही थी। व्रत वाले दिन पति उनकी काफी मदद करते हैं और इस वर्ष भी वह उनके साथ थे। उन्हें थकान न हो इसके लिए पति ने समझाइश भी दी कि ज्यादा काम न करें वरना थकान हो जाएगी। व्रत वाले दिन समय आसानी से नहीं कटता, इसलिए उन्होंने अपनी सहेलियों के साथ गपशप करते हुए समय बिताया।





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