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International International वियना. भारत को परमाणु व्यापार के लिए छूट देने पर कुछ देशों की आपत्तियों के बीच परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की दो दिवसीय बैठक गुरुवार को यहां शुरू होगी।
बैठक में छूट संबंधी संशोधित मसौदे पर विचार होगा। पिछली बैठक में कम से कम 15 देशों की मांग के बाद मूल मसौदे में कुछ फेरबदल किया गया है।
न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रिया जैसे देश संशोधित मसौदे से भी संतुष्ट नहीं है और संभावना है कि बैठक में वे परमाणु अप्रसार को लेकर अपनी चिंता जाहिर करेंगे। उनका मानना है कि मसौदे में सिर्फ सतही फेरबदल किया गया है और कोई शर्ते नहीं जोड़ी गई हैं।
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ‘पीपुल्स डेली’ में जहां भारत-अमेरिका परमाणु करार को परमाणु अप्रसार के लिए ‘आघात’ बताया गया है वहीं, चीन सरकार ने संकेत दिया है कि चीन, भारत को छूट संबंधी मसौदे की मंजूरी में रोड़े नहीं अटकाएगा। इस पृष्ठभूमि में छूट को लेकर असमंजस बरकरार है।
अपनी ओर से भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि छूट के साथ शर्ते जोड़ी तो उसे यह मंजूर नहीं होगा। भारत व अमेरिका को उम्मीद है कि 45 सदस्यीय समूह इस बैठक में आमसहमति से मंजूरी दे देगा ताकि अमेरिकी कांग्रेस को करार पर सहमति देने के लिए कुछ वक्त मिल पाएगा।