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युवी पर गेंदबाजों का खौफ हावी

खेल डेस्क.yuvi टीम इंडिया के धुरंधर बल्लेबाज युवराज सिंह की बल्लेबाजी की असफलता के कारण यह धारणा बनती जा रही है कि उनका खेल से ध्यान भंग होता जा रहा है।

टीम के कोच गैरी कस्टर्न ने तो यह तक कह दिया है कि युवी गेंदबाजों से डरने लगे हैं। एक दीर्घावधि तक आराम करने के बाद ही वे तरोताजा होकर जबर्दस्त ढंग से वापसी कर सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि युवी ने श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में 5 पारियों में सिर्फ 72 रन (23, 20, 12,0,17) बनाए। इससे पहले श्रीलंका इलेवन के खिलाफ खेले गए मैच में उन्होंने 121 गेंदों में 172 रन बनाए थे जिसमें 13 छक्के शामिल हैं। अगर युवी श्रीलंका इलेवन के खिलाफ धुआंधार पारी खेल सकते हैं तो उसके ठीक बाद खेले गए पांच वनडे में फ्लॉप रहना चिंताजनक है।

‘मेंडिस फोबिया’ से नहीं उबरे
युवराज को सीरीज में सबसे ज्यादा मेंडिस ने परेशान किया। मेंडिस ने पांच वनडे में से तीन बार उनका विकेट लिया। इससे पहले कराची में खेले गए फाइनल मैच में भी मेंडिस ने उन्हें आउट किया था। इसप्रकार छह में से चार बार मेंडिस ने युवी को आउट किया। युवी की बल्लेबाजी को मानो काठ मार गया है। वे पिछली दस पारियों में अर्धशतक नहीं लगा सके हैं। ये दस पारियां उन्होंने पाक, बांग्लादेश व श्रीलंका के खिलाफ खेली।

31 पारियों में नहीं लगाया शतक
अर्धशतक के अलावा युवी गत 31 पारियों में एक भी शतक नहीं लगा सके हैं। उन्होंने आखिरी बार शतक (121 रन) ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गत वर्ष हैदराबाद में खेले गए तीसरे वनडे मैच में बनाया था।

युवी जब टेस्ट टीम से बाहर किए गए थे तब उनके पिता योगराज सिंह ने युवी को चंडीगढ़ में विशेष प्रशिक्षण देते हुए कहा था कि युवी की तकनीक में सुधार के लिए उन्हें विशेष तौर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद जब युवी ने श्रीलंका इलेवन के खिलाफ आक्रामक शैली में 172 रन बनाए तो कहा जाने लगा कि युवी ने अपनी तकनीक सुधार ली है। दरअसल उस मैच में मेंडिस नहीं खेले थे तो युवी का बल्ला चल पड़ा।

आत्मविश्वास की कमी
देखा जाए तो युवी की असफलता की वजह सिर्फ आत्मविश्वास की ही कमी है। वे मेंडिस से घबराए लगते हैं। वैसे भी स्पिनर गेंदबाजों के खिलाफ युवी निर्मम नहीं हो पाते हैं। यह भी हो सकता है कि धोनी के साथ कथित तौर पर मनमुटाव का असर भी उनके खेल पर पड़ा हो।

अब है इंग्लैंड के खिलाफ आशा
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज के बाद भारत को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट व वनडे सीरीज खेलना है। टेस्ट में तो शायद युवी को मौका नहीं मिलेगा लेकिन उम्मीद है कि वनडे सीरीज में वे अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप प्रदर्शन करने में कामयाब होंगे।

मेंडिस ने ऐसे किया युवी का शिकार
पहला वनडे (19.4 वां ओवर) : मेंडिस की कैरम बॉल गेंद को आगे बढ़ कर सुरक्षात्मक खेलने के प्रयास में सीधे बोल्ड हो गए।
दूसरा वनडे (14.5 वां ओवर) : एक बार फिर कैरम बॉल गेंद के शिकार हो गए। उन्होंने आगे बढ़ कर खेलना चाहा और एलबीडब्ल्यू हो गए।
पांचवां वनडे (18.1 वां ओवर) : मेंडिस की गेंद को पुश करने के प्रयास में साफ बोल्ड हो गए।
इसके अलावा मेंडिस ने कराची में एशिया कप फाइनल में युवी को बोल्ड किया था। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में कुलशेखरा व चामिंडा वास ने भी एक-एक बार युवी को सस्ते में लौटाया।





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