गुड़गांव. मारुति सुजुकी ने भी छोटी कार के बाजार में उतरने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। वह हाइब्रिड कार के निर्माण पर भी काम कर रही है।
मारुति सुजुकी इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी के शेयरहोल्डर चेयरमैन आरसी भार्गव का कहना है कि भारत के साथ-साथ विश्व बाजार में छोटी कार की मांग तेजी से बढ़ रही है। सरकारी नीतियां भी छोटी कार को बढ़ावा दे रही हैं। कंपनी ने छोटी कार की दुनिया में प्रवेश करने का फैसला किया है।
कैसी होगी छोटी कार: छोटी कारों के लिए कंपनी 1,200 सीसी तक के छोटे इंजन बनाने की तैयारी कर रही है। इस तरह की इंजन बनाने का 90 फीसदी कार्य भारत में और शेष 10 फीसदी कार्य जापान में किया जाएगा। कंपनी ऐसा इंजन तैयार कर रही है जिसमें सीओटू (कार्बन डाइऑसाइड) का रिसाव कम से कम हो, पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित हो, तेल की खपत घटे। मल्टी-फ्यूल इंजन बनाने की तैयारी की जा रही है।
होगा 9000 करोड़ का निवेश: ऑटो मोबाइल से जुड़ी कंपनियों के लिए खुशी की बात है कि कार बनाने वाली देश की अग्रणी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड 2010 तक मानेसर स्थित प्लांट का कायाकल्प करने के लिए 9000 करोड़ रुपए निवेश करेगी। कंपनी प्रबंधन की इस घोषणा के साथ ही मारुति के लिए कल-पुर्जे बनाने वाली सहायक कंपनियों के लिए संभावनाएं बढ़ गई हैं।
उद्योग जगत में इस बात को लेकर आशंका जताई जा रही थी कि ऑटो मोबाइल से जुड़ी प्रमुख कंपनियां गुड़गांव और मानेसर से पलायन करने की सोच रही हैं।
कंपनी प्रवक्ता के अनुसार 27वें वार्षिक आम बैठक में कंपनी के सीईओ व चेयरमैन ओसामु सुजुकी ने मानेसर प्लांट को विश्वस्तरीय प्लांट बनाने के लिए अगले 2010 तक नौ हजार करोड़ रुपए निवेश की घोषणा की है।
अगले महीने से मानेसर प्लांट की क्षमता तीन लाख यूनिट (कार) की हो जाएगी। फरवरी 2007 में चालू हुए मानेसर प्लांट की शुरुआती क्षमता एक लाख कार उत्पादन करने की रही है।
यूरोप में फिर प्रवेश: फ्यूल एफिसिएंट और पर्यावरण अनुकूल विश्वस्तरीय मॉडल के साथ मारुति सुजुकी यूरोपीयन मार्केट में फिर से प्रवेश करने की तैयारी कर रही है।