भोपाल. आतंकवादियों, नक्सलियों और अन्य असामाजिक तत्वों की अब जेल से गुपचुप संदेश भेजने पर खैर नहीं है। ऐसा करते पकड़े जाने पर उन्हें सख्त दंड दिया जा सकता है। इन कैदियों को पैरोल अधिकार से भी वंचित किया जा सकता है साथ ही उनकी मजदूरी जप्त की जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक मप्र प्रिजन्स रूल्स 1968 में राज्य शासन द्वारा किए गए संशोधनों में यह प्रावधान किए गए हैं। केंद्र ने छह माह पहले इस संबंध में अनुशंसा की थी। नियम 723 में कई नए जेल अपराधों को जोड़ा गया है।
इसमें सबसे महत्वपूर्ण बिंदु कैदियों द्वारा जेल के भीतर से मुलाकातियों के माध्यम से बाहर गतिविधियां संचालित करने पर पाबंदी लगाने वाला है। कैदी अब गुपचुप तौर पर न लिखित में कोई संदेश भेज सकेंगे और न ही मौखिक।
सूत्र बताते हैं कि इसके अलावा जेल अपराध में दूसरे कैदियों को अनावश्यक चेतावनी देने, निर्धारित धूम्रपान जोन के अलावा बैरक में धूम्रपान करने और कारागार या विधि अभिरक्षा से भागने या भागने के प्रयास के बारे में कारागार के अधिकारियों को सूचना नहीं देने जैसे कृत्यों को भी शामिल किया गया है। इसी तरह जेल में प्रतिबंधित सामग्रियों के बारे में कारागार अधिकारियों को रिपोर्ट नहीं करने को भी इसी श्रेणी में ले लिया है।
क्या मिलेगा दंड
>> कैदियों को पैरोल के अधिकार से वंचित करना और मजदूरी जब्त करना
>> दीर्घ दंड में एक माह में चार से सात दिन की मजदूरी जब्ती और एक साल से कम अवधि के लिए पैरोल स्थगित करना
>> जेल अपराध का आरोप सिद्ध होने पर कैदी को उच्च सुरक्षा कारागार में स्थानांतरित किया जा सकेगा।
>> गौण दंड में एक माह में एक बार में तीन दिन की मजदूरी जब्त होगी।
जेल महानिरीक्षक अब जेल महानिदेशक
बताया जाता है कि प्रदेश में अभी तक जेल का मुखिया महानिरीक्षक रहा है जिसे ‘महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक (करेक्शनल) सेवाएं’ कर दिया गया है। इसी तरह जेलर के स्थान पर उप जेल अधीक्षक और सहायक जेलर तथा उप जेलर की जगह सहायक जेल अधीक्षक पदनाम कर दिया है।
प्रमुख नए जेल अपराध
1. जानबूझकर या उपेक्षापूर्ण कृत्य द्वारा किसी भी रूप में कारागार की सुरक्षा को खतरे में डालने या इसमें कारागार की दीवार, भवन की सलाखें, तालों और चाबियों, लैम्प या किसी अन्य सुरक्षा और अभिरक्षा उपायों से छेड़छाड़ करना।
2. दूसरे कैदियों को अनावश्यक चेतावनी जैसा कोई कृत्य करना।
3. जेल अपराध होने की रिपोर्ट देने में चूक करना
4. जेल अपराध करने में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से योजना बनाना, प्रेरित करना और अभिप्रेरित करना।
5. पहचान पत्र, अभिलेखों या दस्तावेजों में छेड़छाड़ करना या उनका विरूपण करना।
6. जानबूझकर या उपेक्षापूर्ण तरीके से भोजन को नष्ट करना या बिगाड़ना (खराब करना) या आदेश उसे फेंकना।