भोपाल. छठवें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को जल्द लागू करने की मांग को लेकर आगामी रविवार को प्रदेश के प्रमुख कर्मचारी नेता आगे की रणनीति तय करेंगे। इसके लिए बैठक का आयोजन एक हॉटल में किया गया है। इस मौके पर कर्मचारियों के हितों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के कर्मचारी नेता अरुण द्विवेदी ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में प्रदेश भर के प्रमुख कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी शामिल होंगे।
मप्र कर्मचारी कांग्रेस के प्रवक्ता एसपी पांडेय ने 1 जनवरी, 2006 से छठवें वेतनमान की अनुशंसा लागू करने की मांग मुख्यमंत्री से की है, वहीं बुधवार को मप्र राज्य निगम-मंडल कर्मचारी-अधिकारी समन्वय महासंघ के पदाधिकारियों ने पंचानन भवन के सामने प्रदर्शन किया। इधर, पंचायतकर्मी एवं सचिव संगठन ने भी आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन के प्रांताध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि पंचायत सचिवों को छठवें वेतनमान ंका लाभ नहीं दिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
गेट मीटिंगआज : एमपी खादी बोर्ड कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अजीत प्रजापति ने बताया कि छठवें वेतनमान की मांग को लेकर गुरुवार को खादी बोर्ड परिसर अरेरा हिल्स में गेट मीटिंग का आयोजन किया गया है।
प्रदर्शन जारी : छठवें वेतनमान को लेकर मप्र अर्धशासकीय अधिकारी-कर्मचारी सार्वजनिक उपक्रम संघ के बैनर तले निगम, मंडल, परिषद, सहकारी संस्थाओं, प्राधिकरणों, अकादमियों, नगरीय निकायों, सहकारी बैंकों के कर्मचारियों एवं अधिकारियों का प्रदर्शन बुधवार को सातवें दिन भी जारी रहा। संघ के प्रांताध्यक्ष अरुण वर्मा ने बताया कि गुरुवार को मंडी बोर्ड के पास प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन 7 को : उद्यानिकी विभाग एवं नर्सरी में कार्यरत कर्मचारियों, माली एवं श्रमिकों की समस्याओं को लेकर 7 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास पर प्रदर्शन किया जाएगा। मप्र राज्य कर्मचारी संघ अध्यक्ष केएस यादव के अनुसार धरना प्रदर्शन का नेतृत्व प्रकोष्ठ प्रमुख राजेन्द्र शर्मा करेंगे।
बोनस अंक की मांग: राज्य शिक्षा केन्द्र कर्मचारी, अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं गुरुजी संगठन ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से गुरुजियों को बोनस अंक दिए जाने की मांग की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि गुरुजियों की परीक्षा में कोर्स से बाहर के प्रश्न पूछे गए। इसे गुरुजियों ने वादाखिलाफी कहते हुए बोनस अंक की मांग की है।
दैवेभो के साथ विश्वासघात : प्रदेश दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के महामंत्री विश्वंभरनाथ सिंह ने कैबिनेट के निर्णय को विश्वासघात बताते हुए कहा कि कुल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी 52 हजार हैं, जबकि सरकार की मान्य संख्या 32 हजार है।
इनमें से 2 हजार के पदों पर नियमित करने की बात है। इस आधार पर मात्र 5 प्रतिशत कर्मचारी नियमित हो सकेंगे। इसे देखते हुए संघ ने उक्त निर्णय के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।