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Chhattisgarh
Raipur Raipur जगदलपुर. इस्पात मंत्रालय लौह अयस्क के निर्यात पर रोक लगाने पर विचार कर रहा है। सरकार जहां अच्छी किस्म के लौह अयस्क (आयरन ओर) की कमी से आशंकित है, वहीं कीमतों पर नियंत्रण करना चाहती है।
देश में बेहतर क्वालिटी के लौह अयस्क का भंडार कम है और इस्पात की मांग 13 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। करीब 18 किलोमीटर दूर नगरनार में 30 लाख टन क्षमता वाले स्टील प्लांट के शिलान्यास समारोह में आए केंद्रीय इस्पात, रसायन व उर्वरक मंत्री रामविलास पासवान ने दैनिक भास्कर को बताया कि देश में लौह अयस्क का करीब 25 अरब टन का भंडार है।
समस्या यह है कि बेहतर क्वालिटी वाले लौह अयस्क की कमी है। उनका मंत्रालय इसके निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की वकालत कर रहा है। भारत से करीब 30 लाख टन लौह अयस्क का निर्यात हो रहा है। एक साल पहले यह 62 लाख टन निर्यात हो रहा था।
स्टील प्लांट के लिए जमीन की कमी नहीं
पासवान ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के स्टील प्लांटों के पास जमीन की कोई कमी नहीं है। अकेले सेल (स्टील अथारिटी आफ इंडिया) ने 56 हजार करोड़ रुपए के नए निवेश की योजना बना रखी है।
नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कारपोरेशन को भी जमीन अधिग्रहण में कोई परेशानी नहीं होगी, क्योंकि जगदलपुर के नगरनार में एक हजार एकड़ जमीन पहले से है और काम शुरू होने के साथ जरूरत के मुताबिक जमीन मिलती जाएगी। पासवान ने कहा कि जमीन अधिग्रहण के मामले में कंपनियों को मानवीय पक्ष को सामने रखकर मुआवजा तय करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय की यह सख्त हिदायत है कि जिनकी जमीन स्टील कंपनी के लिए ली गई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नौकरी दी जाए।