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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
शहर और नई राजधानी को जोड़ने के लिए एक्सप्रेस हाईवे के साथ-साथ मोनो, सकुर्लर रेल चलाने की भी प्लानिंग होगी। भारत सरकार के उपक्रम राइट्स के अफसरों ने प्लानिंग के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया है। कलेक्टर सोनमणि वोरा के साथ बुधवार को बैठक में अफसरों ने इस पर चर्चा की।
गौरतलब है, शहर में व्यवस्थित ट्रैफिक सिस्टम के लिए नगर निगम ने राइट्स को प्लानिंग को जिम्मा दिया है। इसके लिए निगम 80 लाख रुपए देगा। 22 अगस्त को निगम और राइट्स के बीच एमओयू हुआ। संस्था के अफसरों ने आज श्री बोरा को अपनी योजना और विजन से अवगत कराया।
राइट्स के अफसर यश सचदेव ने उन्हें बताया कि उनके अधिकारी फील्ड में काम शुरू कर चुके हैं। फिलहाल ट्रैफिक सकरुलेशन और समस्याओं की सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद इसे ठीक करने पर कसरत होगी। श्री सचदेवा ने कहा कि नए और पुराने रायपुर के बीच मोनो, सकरुलर रेल बिछाने की योजना पर विचार चल रहा है। एक पांत पर चलने वाली रेल यहां के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।
इसके अलावा फुट ओवरब्रिज, फ्लाईओवर, सब-वे, मास रेपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम का भी प्रावधान किया जाएगा। स्केलेटर, स्टेयर और लिफ्ट जैसी सुविधाओं को भी प्लानिंग में रखने कहा गया है।
इको फ्रैंडली हो प्लान
कलेक्टर श्री बोरा ने राइट्स के अफसरों से इकाफ्रैंडली योजना बनाने कहा । उन्होंने कहा कि रायपुर तेजी से बढ़ता हुआ शहर है। इसकी प्लानिंग अगले 50 सालों को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए। जो भी निर्माण के कार्य हों उससे पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे, इस बात का खास खयाल रखा जाए।
तीन तरह के प्लान
शहर का ट्रैफिक और ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए तीन तरह की योजना बनेगी। शार्ट, मिड और लांग टर्म। शार्ट टर्म की योजना 5 माह में, मिड टर्म की 10 माह और लांग टर्म की योजना 12 महीनों में प्लान कर ली जाएगी। ट्रैफिक सिग्नल में सुधार, रिलोकेट करना, सड़कों का चौड़ी करण, वनवे, बसस्टाप शि़िफ्टंग, जैसे काम शार्ट टर्म में शामिल किए गए हैं। मीडियम टर्म में रोड नेटवर्क, नई रोड बनाने, बस-ट्रक टर्मिनल, पार्किग जोन सबवे, फुटपाथ निर्माण, और लांग टर्म में एक्सप्रेस हाइवे, बाईपास, कारीडोर, आदि का काम होगा।
पार्किग के लिए भी प्लान
शहर के वीआईपी और प्रमुख इलाकों के लिए कलेक्टर ने कांप्रहेंसिव पार्किग योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अफसरों को बताया कि पार्किग शहर की प्रमुख समस्यओं में से एक है। अब तक नगर निवेश विभाग ने पार्किग पर ध्यान नहीं दिया गया है। प्रमुख चौक चौराहों की पार्किग सुधारने अलग से प्लान बनाने की जरूरत है।