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Chhattisgarh
Raipur Raipur जगदलपुर.
केंद्रीय इस्पात मंत्री रामविलास पासवान ने बुधवार को नगरनार के स्टील संयंत्र की आधारशिला रखते हुए ऐलान किया कि नगरनार में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी इलाके में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनने से यहां विश्व स्तर के खिलाड़ी तैयार होंगे।
शिलान्यास समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए श्री पासवान ने कहा कि नगरनार में सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल तथा दिल्ली पब्लिक स्कूल की शाखा भी खोली जाएगी। स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के प्रथम चरण के निर्माण के लिए एनएमडीसी ने 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि नए संयंत्र में 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। नौकरी में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने राज्य के स्पंज आयरन संयंत्रों का कोटा बढ़ाने का भी ऐलान किया।
उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ के उद्योगों को आठ मिलियन टन कच्चे माल की जरूरत है। फिलहाल इन्हें 2.5 मिलियन टन अयस्क ही मिल पा रहा है। इसे बढ़ाकर तीन मिलियन टन किया जा रहा है। भविष्य में इसे पांच मिलियन टन कर दिया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा कि आज का दिन केवल बस्तर के लिए नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है। यहां विकास की आधारशिला रखी जा रही है। पहले यहां के लोगों की उम्मीदें खत्म हो गई थीं कि कभी भी यह प्लांट नहीं लगेगा। प्रभावित लोग अपनी जमीन वापस मांगने लगे थे।
कार्यक्रम में उपस्थित सांसद बलीराम कश्यप ने कहा कि वर्ष 1953 के बाद आज बस्तर का सपना हकीकत में बदला। प्लांट की स्थापना की दिशा में कोई बाधा खड़ी नहीं कर सकता।
इससे पहले एनएमडीसी के सीएमडी राणा सोम ने कहा कि यह स्टील प्लांट बस्तर के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। यह देश में सबसे कम समय में उत्पादन करने वाला प्लांट होगा।
इसमें तीन साल में उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा। केंद्रीय इस्पात सचिव पीके रस्तोगी ने कहा कि निजी क्षेत्र में संयंत्रों का उत्पादन अब 5 करोड़ 60 लाख टन तक पहुंच गया है। देश में नई परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
समारोह में नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा, राजस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, पीएचई राज्यमंत्री केदार कश्यप, पीडब्लूडी राज्यमंत्री राजेश मूणत, महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री लता उसेंडी, गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष सुभाष राव और पर्यटन मंडल के अध्यक्ष संतोष बाफना मौजूद थे। इस अवसर पर राज्य सरकार व एनएमडीसी और सीएमडीसी व एनएमडीसी के बीच दो अलग-अलग एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।