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लापरवाह जीएम पर गिरी गाज

कोटा. जनवरी महीने से बंद पड़ी फैक्ट्री को चालू बताने और मंत्री को रिकॉर्ड दिखाने से इन्कार करने वाले तिलम संघ के जनरल मैनेजर को सहकारिता मंत्री डॉ. नाथूसिंह गुर्जर ने मौके पर निलम्बित कर दिया है।

निलम्बित अफसर केएन वाजपेयी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। सहकारिता मंत्री बुधवार शाम बारां में मुख्यमंत्री के दौरे से लौटते समय अचानक रावतभाटा रोड स्थित तिलम संघ की फैक्ट्री पर पहुंच गए। उनके साथ विभाग के अतिरिक्त रजिस्ट्रार शिवलाल मीणा भी थे। गुर्जर ने फैक्ट्री के जनरल मैनेजर केएन वाजपेयी को तलब किया और फैक्ट्री के कामकाज के बारे में पूछा।

वाजपेयी ने मंत्री को बरगलाने की कोशिश की। उसने कहा कि फैक्ट्री बहुत अच्छी चल रही है, कामकाज भी ठीक है। जब मंत्री ने फैक्ट्री चलाकर दिखाने को कहा तो उसकी सफाई थी कि अभी शटडाउन लिया हुआ है। इस पर गुर्जर ने रिकॉर्ड तलब कर लिया, तो वह बहानेबाजी करने लगा कि कम्प्यूटर नहीं चल रहा है, रिकॉर्ड कल जयपुर भिजवा दूंगा।

रिकॉर्ड देने से इनकार
कई बार कहने के बावजूद जनरल मैनेजर वाजपेयी ने एकबारगी तो रिकॉर्ड देने से साफ इनकार कर दिया। मंत्री के साथ मौजूद एडिशनल रजिस्ट्रार मीणा ने समझाने की कोशिश की, लेकिन वह भी काम नहीं आई। वाजपेयी ने आधा घंटा गुजार दिया तो मंत्री को सख्ती दिखाई, उन्होंने पुलिस और एंटी करप्शन ब्यूरो के अफसर को बुलाने की धमकी दी और कहा कि अब उन्हीं से जांच करवाएंगे।

..फिर कमजोर पड़े तेवर
आखिरकार गुर्जर के तेवर के आगे जनरल मैनेजर का सरेंडर करना पड़ा। उसने बताया कि फैक्ट्री जनवरी महीने से बंद पड़ी है। कोई रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं है। जब उन्होंने झूठ बोलने का कारण पूछा, तो वह सफाई देने लगा, लेकिन गुर्जर पर कोई असर नहीं पड़ा, उन्होंने उसे मौके पर ही हाथोंहाथ निलम्बित करने के आदेश दे दिए। एडिशनल रजिस्ट्रार मीणा को उसके खिलाफ जांच करने के निर्देश दिए हैं।

और भी शिकायतें हैं
जनरल मैनेजर के खिलाफ कई शिकायतें पहुंच रहीं थीं, उन्हीं के मद्देनजर मंत्री अचानक निरीक्षण करने पहुंचे थे। आरोप यह भी है कि वह दफ्तर से ही एमवे कम्पनी का काम करता है। सहकारिता मंत्री गुर्जर ने शिकायतों की पुष्टि करते हुए भास्कर को बताया कि विभागीय जांच में सभी आरोपों को शामिल किया जाएगा।

जनरल मैनेजर के खिलाफ लंबे समय से मिल रहीं शिकायतों के मद्देनजर अचानक निरीक्षण किया था, लेकिन उसने झूठ पर झूठ बोलकर गलत तथ्य पेश करने की कोशिश की। हाथोंहाथ सच सामने आने पर उसे मौके पर ही सस्पेंड कर दिया गया है। विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
-डॉ. नाथूसिंह गुर्जर, सहकारिता मंत्री

‘इस मामले में फिलहाल कुछ कहने की स्थिति में नहीं हूं। इतना ही कहूंगा कि मैं मंत्री जी को सही तौर पर स्थितियां एक्सप्लेन नहीं कर पाया।’
-कैलाशनाथ वाजपेयी, महाप्रबंधक तिलम संघ





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