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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा में प्रिवलेज कमेटी की ओर से पेश की गई पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को प्रताड़ित करने संबंधी सिफारिश के विरोध में बुधवार को इनेलो विधायकों ने जमकर हंगामा किया।
नियमों का हवाले से इसे असंवैधानिक करार देते हुए इनेलो विधायक स्पीकर डॉ. रघुबीर सिंह कादियान के आसन के सामने पहुंच गए। संसदीय मामलों के मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने स्पीकर से आग्रह किया कि इनेलो विधायकों को उनकी सीटों पर बैठने के लिए कहा जाए। इस मौके पर चौटाला सदन में मोजूद नहीं थे।
इनेलो विधायकों के खिलाफ कांग्रेस व निर्दलीय विधायकों ने भी टिप्पणी की । स्पीकर ने पहले इनेलो सदस्य डॉ. सुशील इंदौरा को चेतावनी दी, लेकिन जब वे अपनी सीट पर नहीं लौटे तो उन्हें निष्कासित कर दिया। इसके बाद बारी-बारी से रामफल चिड़ाना, ईश्वर सिंह पलाका, बलवंत सढौरा व सईदा खान भी निष्कासित कर दिए गए। इनेलो सदस्य ज्ञानचंद ओढ़ ने इस मुद्दे पर वाकआउट किया।
लग गई भूख
कांग्रेस विधायक केएल शर्मा ने बोलना ही शुरू किया था कि रणदीप सुरजेवाला ने स्पीकर को सदस्यों को लगी भूख के बारे में बताया। इस पर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही अनिश्चिकाल के लिए स्थगित कर दी।
और टपकने लगी छत
दोपहर बाद लगभग पौने दो बजे हुई बारिश के दौरान विधानभवन की छत टपकने लगी। पानी की बूंदों से विधायक आश्चर्यचकित हो गए।
नगर निकायों में वार्ड कमेटियों का गठन होगा
चंडीगढ़. नगर निकायों के कामकाज में पारदर्शिता लाने, वार्ड कमेटियों के गठन व विनियोग विधेयक सहित विभिन्न अधिनियमों में संशोधन के कुल सात विधेयक हरियाणा विधानसभा में आज ध्वनिमत से पारित हो गए।
स्थानीय निकाय मंत्री एसी चौधरी ने हरियाणा नगरपालिका नागरिक भागीदारी विधेयक पेश किया। इसके तहत नगर निकायो के वाडरे में वार्ड कमेटियों का गठन किया जाएगा। उस वार्ड का पाषर्द कमेटी का अध्यक्ष होगा। नगर पालिका लोक प्रकटीकरण विधेयक के तहत नगर निकायों को अपनी आय और व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक करना होगा। इसी तरह एक अन्य विधेयक में संशोधन कर नगर निगमों के गठन पर पहली बार उनके चुनाव कराने की समय सीमा छह महीने से बढ़ा कर एक साल कर दी गई है। संसदीय कार्यमंत्री रणदीप सुरजेवाला ने राज्य नगर विकास प्राधिकरण अधिनियम में संशोधन सबंधी विधेयक पेश किया।
विनियोग विधेयक पारित: आबकारी व कराधान मंत्री बीरेंद्र सिंह ने स्थानीय क्षेत्र में माल के प्रवेश कर में संशोधन का विधेयक पेश किया। इसमें बताया गया है किकेंद्रीय बिक्री कर के खत्म हो जाने से हरियाणा में चीनी व पेट्रोलियम आधारित ईंधनों की आवक बढ़ सकती थी। इसीलिए इनकी दरें हरियाणा में वैट के बराबर करने के मकसद से इन पर लिया जाने वाला प्रवेश कर 5 फीसदी से बढा कर 20 फीसदी करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा चालू वित्त वर्ष की 339.51 करोड़ रूपए की अनुपूरक मांगों से सबंधित विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान विभिन्न विधायकों ने अपने क्षेत्र की समस्याओं पर सरकार का ध्यान खींचा।
सदन ने 339.51 करोड़ की अनुपूरक मांगे ध्वनिमत से पास कर दीं। इस विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि कृषि क्षेत्र में अभी देश और प्रदेश में उम्मीद के मुताबिक अनुसंधान कार्य नहीं हो रहे। कृषि विकास अधिकारियों का वेतन बढ़ाने के मुद्दे पर बीरेंद्र ने कहा कि अगर वे बेहतर काम करेंगे तो सरकार इनका वेतन एमबीबीएस डाक्टरों से भी ज्यादा करने को तैयार है।