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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.झारखंड के सीमावर्ती बलरामपुर जिले में गुरुवार को नक्सलियों से मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हो गए। डीजीपी विश्व रंजन ने बताया कि शहीद जवानों में तीन सीआरपीएफ और दो बलरामपुर पुलिस के हैं। मुठभेड़ सुबह करीब 10.30 बजे हुई। दोनों ओर से डेढ़ घंटे तक फायरिंग चली। इसके बाद नक्सली भाग निकले।
शहीद जवानों के शव बलरामपुर मुख्यालय लाए जा रहे हैं। इनमें से तीन की मुठभेड़ के दौरान मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। दो गंभीर घायलों ने दोपहर में दम तोड़ा। आला अफसरों ने बताया कि जिस सर्चिग पार्टी पर नक्सलियों ने हमला किया, उसका नेतृत्व बलरामपुर एसपी बीएल मीणा कर रहे थे। एसपी अब भी बंदरचुआ के पास जंगलों में फोर्स के साथ हैं।
सरगुजा आईजी बीएस मरावी भी फोर्स लेकर घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। छत्तीसगढ़ और झारखंड, दोनों राज्यों की पुलिस ने सीमावर्ती जंगलों में सर्चिग शुरू कर दी। खुफिया पुलिस को मंगलवार की रात सूचना मिली थी कि सामरी इलाके में झारखंड सीमा से दो किमी पहले नक्सलियों का कैंप चल रहा है। कैंप में 100 से ज्यादा नक्सली हैं।
सूचना के आधार पर करीब 60 जवानों के दस्ते ने बुधवार की रात ठीक उस जगह धावा बोला, जहां कैंप की सूचना थी। वहां से नक्सली तो भाग निकले, लेकिन कुछ बारूदी सुरंगें मिलीं। यही दस्ता नक्सलियों के पीछे-पीछे झारखंड सीमा की तरफ बढ़ रहा था और आज सुबह पहाड़ियों पर घात लगाए बैठे नक्सलियों से घिर गया।
राज्य के उत्तरी हिस्से में अरसे बाद वारदात :
सरगुजा और आसपास के इलाके में काफी अरसे बाद नक्सलियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। बलरामपुर जिले में पिछले दो साल में पुलिस ने नक्सलियों पर जबर्दस्त हमले कर कई कमांडरों को ढेर किया या सरेंडर करवा दिया।
नक्सली वारदातों में लगातार कमी की वजह से ही सरगुजा इलाके से सीआरपीएफ की अतिरिक्त बटालियनें हटा ली गई थीं। डीजीपी विश्व रंजन ने बताया कि झारखंड की ओर से नक्सली काफी अरसे से दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन फोर्स ने उन्हें घुसने नहीं दिया। आज सुबह फोर्स पहाड़ियों पर घात लगाए बैठे नक्सलियों से घिर गई।