bhaskar Web English
HomeNewsHaryanaPanipat Panipat

अपने बुने जाल में फंसे संजीव!

राजधानी हरियाणा. पूर्व सीएम चौटाला से उनकी सरकार में दो-दो हाथ करने वाले 1985 बैच के आईएएस अधिकारी संजीव कुमार अपने बुने जाल में ही फंसते नजर आ रहे हैं। हरियाणा कैडर के आईएएस संजीव कुमार पिछले सात साल से सस्पेंड चल रहे हैं।

उन्होंने चौटाला राज में हुई करीब 3200 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती में घोटाले का तत्कालीन सीएम पर आरोप लगाया था। जब संजीव चौटाला से टकराए तब सीएम के तौर पर उनका खौफ था। सुप्रीम कोर्ट ने संजीव कुमार की मांग पर जेबीटी भर्ती मामले की सीबीआई जांच के आर्डर कर दिए थे।

सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की इसकी आंच चौटाला के साथ संजीव कुमार तक पहुंच गई। सीबीआई ने अपनी जांच में चौटाला के बड़े बेटे जय चौटाला,मुख्यमंत्री के तत्कालीन ओएसडी विद्याधर के साथ ही संजीव कुमार को भी लपेटा।

सीबीआई ने चार्जशीट में कहा है कि संजीव कुमार ने आय से ज्यादा जायदाद बनाई और डीपीईपी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहते हुए प्रिटिंग में भी घोटाला किया। अपने चहेते लोगों को प्रिंटिंग का काम दिया और इससे सरकारी खजाने को चपत लगी।

चौटाला सरकार के साथ लड़ाई में पूर्व मंत्री और पलवल के विधायक करन दलाल ने पूरा पूरा साथ दिया। चौटाला राज जाने के बाद हरियाणा में कांग्रेस सरकार आई तो यह लगा कि संजीव कुमार को भी बहाल कर दिया जाएगा। असल में कांग्रेस सरकार आने के बाद पहले से सस्पेंड चले रहे ऐसे कई आईएएस-आईपीएस अफसरों को बहाल कर दिया गया था कि जो जेल की हवा खा चुके थे।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: