नई दिल्ली/मुंबई. खाद्य पदार्थो की कीमतें घटने से लगातार दूसरे सप्ताह मुद्रास्फीति में गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद आरबीआई ने सख्ती जारी रखने के संकेत दिए हैं। वीरवार को जारी आंकड़ों के अनुसार २३ अगस्त को समाप्त सप्ताह में मुद्रास्फीति १२.३४ फीसदी दर्ज की गई है। इससे पिछले सप्ताह यह १२.४क् फीसदी थी। यह लगातार दूसरा सप्ताह है, जब मुद्रास्फीति में गिरावट दर्ज की गई है।
सस्ते हुए खाद्य पदार्थ
फल और सब्जियों सहित तमाम खाद्य पदार्थो की कीमतें घटने से मुद्रास्फीति नरम पड़ी है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि ३क् आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने की दर घटकर ६.९ फीसदी रह गई है, जबकि पिछली बार यह ७.२४ फीसदी थी। खाद्यान्न-ऊर्जा की कीमतें बड़ी चुनौती
आरबीआई ने गुरुवार को कहा कि इस वक्तउनके सामने खाद्यान्न व ऊर्जा की कीमतों को काबू करने की चुनौती है। मौद्रिक नीति का सारा जोर कीमतें स्थिर रखने पर रहेगा, ताकि महंगाई नियंत्रित हो सके। शीर्ष बैंक ने वित्त वर्ष में आठ फीसदी विकास दर का अनुमान जताया।
अर्थव्यवस्था स्थिर रहेगी
करेंसी व फायनेंस पर जारी ताजा रिपोर्ट में आरबीआई ने कहा है कि उनके द्वारा किए गए मौद्रिक उपायों से सितंबर २क्क्४ के बाद अर्थव्यवस्था में स्थिरता का माहौल पैदा हुआ है।
प्रधानमंत्री ने की समीक्षा
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को कीमतों की कैबिनेट कमेटी (सीसीपी) की बैठक में खाद्यान्न की उपलब्धता व उसकी कीमतों की समीक्षा की।
क्रूड ऑयल में मंदी से भी आंस बंधी
जुलाई में 147 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा क्रूड ऑयल अब 105-110 डॉलर के स्तर पर आ गया है। ऐसे में अगर यह कुछ सप्ताह तक इस स्तर पर भी बना रहता है तो महंगाई की मार में कुछ और कमी आ सकती है। तेल बाजार के जानकारों के अनुसार तेल में तेजी फिलहाल कुछ महीनों के लिए लगभग गायब ही रहेगी। क्रूड ऑयल 95 डॉलर प्रति बैरल का स्तर भी छू सकता है। वाणिज्य व उद्योग मंत्री ने कहा कि मुद्रास्फीति नीचे जा रही है। सरकार ने आपूर्ति पक्ष मजबूत करने के लिए अनेक उपाय किए हैं, जिनका असर सामने आने लगा है।