नई दिल्ली.
टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा का कहना है कि एक लाख रुपए की कार नैनो बाजार में निर्धारित समय पर उतारने के सारे प्रयास किए जा रहे हैं। टाटा ने माना कि नैनो की कीमत को लेकर दबाव है। फिर भी यह नहीं बताया कि कीमत बढ़ेगी या नहीं। सियाम के सालाना कार्यक्रम में टाटा ने कहा कि उनकी कंपनी नैनो को योजना के मुताबिक ही लांच करना चाहती है।
अब भी स्पष्ट नहीं है कि अक्टूबर में नैनो का पहला लाट सिंगुर कारखाने से ही आएगी या किसी और कारखाने से। टाटा का कहना था कि भारत में छोटी कारों का बाजार तेजी से बढ़ता जाएगा क्योंकि ईंधन की लागत बढ़ती जा रहा है। यह उन लोगों की क्रयशक्ति में आती है जो अपनी पहली कार खरीदना चाहते हैं। सियाम के कार्यक्रम में हर कोई रतन टाटा से यह जानना चाहता था कि आखिर नैनो को लेकर उनकी वैकल्पिक योजना क्या है। वह कारखाने को पश्चिम बंगाल से बाहर ले जाएंगे या नहीं।
राजभवन ने क्या किया:
-राज्यपाल ने शुक्रवार को समझौते की तलाश में राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियिों से मुलाकातें कीं।
- प. बंगाल के उद्योग मंत्री निरुपम सेन और पंचायत मंत्री सूर्य कांत मिश्रा ने राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी से भेंट की। मुख्य सचिव अमित किरण देब और गृह सचिव अशोक मोहन चक्रवर्ती भी मौजूद थे।
मध्यस्थ नहीं बनेंगे गांधी:
-विपक्ष के नेता पार्था चटर्जी ने राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी से मुलाकात की, लेकिन राज्यपाल ने मध्यस्थ बनने से इंकार कर दिया। वह शुक्रवार की बैठक की अध्यक्षता करने को तैयार हैं।
सिंगुर में क्या हुआ
धरनास्थल पर सामान्य भीड़भाड़ थी जो शुक्रवार की बैठक का बेचैनी से इंतजार कर रही है। धरना 12वें दिन में प्रवेश कर गई है। शुक्रवार को ट्रेफिक खुला रखने के लिए दुर्गापुर एक्सप्रेस वे की एक लेन खोली गई है।
रतन टाटा ने क्या कहा?
1. कब आएगी नैनो?
नैनो को बाजार में लाने के लिए कंपनी पूरी कोशिश कर रही है। यह दूसरों से पूछा जाए कि क्या नैनो अक्टूबर में ग्राहकों को मिलेगी।
2. छोटी कारों का क्या होगा?
भारत में सस्ती कार की मांग बढ़ रही है। यह उन लोगों की पहुंच में आती है, जो पहली कार खरीदना चाहते हैं।
3. क्या एक लाख ही होगी कीमत?
कच्चे माल की लागत बढ़ती जा रही है। इससे दबाव तो है। पूरे उद्योग में यह बदलाव दिखाई दे रहा है।