जयपुर. जयपुर बम ब्लास्ट के आरोपी शाहबाज ने ही ब्लास्ट के दूसरे दिन मीडिया तथा राजस्थान पुलिस को साहिबाबाद से ई-मेल किया था। जिस साइबर कैफे से ई-मेल भेजा गया था, उसके कर्मचारी ने गुरुवार को जयपुर में शाहबाज की शिनाख्त की।
एडीजी एके जैन ने बताया कि 13 मई को जयपुर में सीरियल बम ब्लास्ट के बाद शाहबाज उफ शानू गाजियाबाद के साहिबाबाद गया। वहां उसने साइबर कैफे पर ई-मेल एड्रेस बनाकर जयपुर ब्लास्ट के संबंध में पाकिस्तानी न्यूज चैनल जीओ टीवी, दुबई के अंग्रेजी अखबार खलीज टाइम्स, न्यूज चैनल आज तक, इंडिया टीवी, उर्दू पेपर उम्मत पब्लिकेशन तथा इंडियन एक्सप्रेस को ई-मेल भेजा।
एसओजी के डीआईजी ए. पौन्नूचामी ने बताया कि शाहबाज की ओर से भेजा गया ई-मेल तौकीर उर्फ सुभान तथा मुफ्ती अबू बसर के साथ मिलकर बनाया गया था। साइबर कैफे पर शाहबाज करीब एक घंटे रहा तथा ई-मेल के वर्ड डाक्यूमेंट एवं उसके साथ तीन वीडियो क्लीपिंग्स को सात जगह ई-मेल किया। वीडियो क्लीपिंगस में बम को अंतिम रूप देते हुए बताया गया था तथा कोतवाली थाने के सामने रखी साइकिल का फ्रेम नंबर 129489 बताया गया था।
मेल में गुरु अल हिंदी के नाम से हस्ताक्षर थे। क्लीपिंग में बम से टाइम घड़ी को भी जोड़ते हुए भी दिखाया गया था। एक क्लीपिंग में साइकिल के हैंडल पर बम रखे हुए थैले को लटका हुआ बताया गया था। शाहबाज ने पूछताछ में बताया कि सीरियल बम ब्लास्ट के पीछे जयपुर के पर्यटन ढांचे को ध्वस्त करना मकसद था।
ब्लास्ट की घटना को अंजाम देने वाले
पुलिस अब इस बात की पूछताछ कर रही है कि जयपुर में बम ब्लास्ट से पहले लिए गए फोटो किसने तथा किससे लिए थे। जयपुर में बम कौन लेकर आया था तथा कहां बनाए गए थे। साइकिलें किसने खरीदी थी।
24 बार एडिट किया ई-मेल
जयपुर धमाकों के बाद भेजे गए ई-मेल की जांच में पता चला है कि इसे 518 मिनट में तैयार किया गया था। तैयार करने से पहले शाहबाज, अबू बसर व तौकीर उर्फ सुभान ने इसे 24 बार संपादित किया था। ई-मेल का पहला शब्द 10 अप्रैल को लिखा गया था तथा इसे अंतिम बार 14 मई को संपादित किया गया और भेजा गया।