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सड़कों पर आस्था का सैलाब

बीकानेर. baba तपती धरती, तेजी से बढ़ते नंगे कदम। हाथों में 21 मीटर लंबी व 11 फीट ऊंची ध्वजा। गले से फूटते ‘बोल धजाबंधधारी की जय, पवनसुत हनुमान की जय, पूनरासर बाबे की जय’ जयकारे। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग एवं युवक-युवतियों का टोला। जयपुर रोड पर झूमते हुए गुजर रहा था।

पसीने से लथपथ होने के बावजूद दो मिनट भी छांव में बैठने की इच्छा नहीं। सबकी एक ही धुन ‘चालो-चालो रे पूनरासर’। शाम होते होते पैदल जाने वालों का कारवां खूब बढ़ गया। जयपुर मार्ग पर दूर-दूर तक जहां नजर जाती श्रद्धालुओं का ही सैलाब नजर आ रहा था। पैदल जातरुओं के जयकारे से गूंजते हाइवे व गांवों के रास्ते। कोई शादी की तमन्ना तो कोई सुखी गृहस्थी की कामना लेकर जा रहा था।

सबके दिलों में श्रद्धा हिलोरे ले रही थी, वे उत्साह-उमंग के साथ आगे बढ़ रहे थे। इसी का नतीजा है कि हजारों की संख्या में लोग पूनरासर मेले में बाबा को धोक लगाने पहुंचते हैं। बीकानेर के अलावा नागौर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, मुंबई, जयपुर से भी श्रद्धालु अपनी मनोकमना की पूर्ति के लिए बाबे के धोक लगाने आ रहे हैं। पूनरासर ही नहीं गुरुवार शाम को सियाणा धाम के रूट पर भी जैकारे गूंजते रहे।

श्रद्धा और भक्ति से आगे बढ़ते श्रद्धालुओं की बस एक ही चाहत थी कि वे बाबे के धोक लगाए। इन सब के बीच रामदेवरा के लिए भी सेवा जत्थे रवाना हुए। पदयात्रियों की सेवार्थ रवाना हुए इन में बाबा रामदेव पैदलयात्री सेवा संघ का सेवा जत्था गुरुवार को रानीबाजार के पंचमुखा हनुमान मंदिर क्षेत्र से रवाना हुआ।

सेवा जत्थे को उद्योगपति शिवरतन अग्रवाल (फन्ना बाबु) व सुशीलादेवी अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। संघ के प्रवक्ता पप्पू आचार्य ने बताया कि बुद्धों की तलाई पर सेवा शिविर लगाया जाएगा। शिविर में पदयात्रियों के लिए बुंदी-भुजिया, चाय व नाश्ते की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है।





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