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बिकना मत, बहकना मत

खेतड़ी. baisala खेतड़ी आए गुर्जर आरक्षण आंदोलन के अगुआ और विश्व गुर्जर परिषद के अध्यक्ष कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला ने गुर्जरों को सामने आ रहे चुनाव के लिए सावधान करते हुए कहा कि बिकना मत और बहकना मत।

ऐसा आदमी चुनना जो विधानसभा में आपकी आवाज उठा सके। जो तुम्हारे एक इशारे पर तुम्हारे दरवाजे पर आ खड़ा हो। वे गुरुवार को चिरानी गांव में सम्मान समारोह में बोल रहे थे।

बंैसला ने कहा कि वे तीन महीने बाद फिर लौटेंगे और सलाह दे जाएंगे, निर्णय आपको करना होगा। जो लोग सही प्रतिनिधि नहीं चुनते, वहां के लोगों को सरकारी दफ्तरों में चक्कर काटने पड़ते हैं और मंत्रियों के आगे खम्मा घणी करनी पड़ती है। खेतड़ी के गुर्जरों को सही चुनाव की नसीहत देते हुए बैंसला ने कहा कि समाज का साथ नहीं देने वालों को वे कभी माफ नहीं कर सकते।

गुर्जर आरक्षण की बात करते हुए बैसला ने कहा कि गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण राज्य स्तर पर मिला है। इसका विधेयक विधानसभा मंे पारित हो चुका है। बिल गवर्नर के पास हस्ताक्षरों के लिए पड़ा है। गर्वनर बिल पर हस्ताक्षर मंे देरी कर रहे हैं। जिससे गुर्जरों का हक मारा जा रहा है। विश्व गुर्जर परिषद के उपाध्यक्ष पहलवान वीरसिंह ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि कमजोर होता है तो जनता को समस्या का सामना करना पड़ता है।

इस मौके पर सूबेदार इंद्राज सिंह, मुकेश कषाना, सुभाष चौधरी, हनुमान जाखड़, झंडूराम फागणा, पूर्व सरपंच हजारीलाल गुर्जर, पालिका उपाध्यक्ष मुरलीधर नालपुरिया, सूबेदार ओमप्रकाश यादव, एडवोकेट सुरजकुमार भास्कर, रमेश छाबड़ी, हरियाणा गुर्जर सभा के अध्यक्ष रणवीरसिंह चंदेला, सत्यपाल गुर्जर भिवाड़ी, जवाहरसिंह बेडम आदि ने संबोधित किया।

बैंसला पर छोड़ा निर्णय
गुर्जर परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पहलवान वीरसिंह गुर्जर ने खेतड़ी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का निर्णय कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला पर छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि बैंसला उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कहेंगे तो जनता के बीच जाएंगे नहीं तो खेतड़ी की सेवा करेंगे।

पांच घंटे देरी से पहुंचे बैंसला
कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला गुरुवार को चिरानी में निर्धारित कार्यक्रम से पांच घंटे देरी से पहुंचे। उनका समय सुबह दस बजे था जिसके अनुसार आस-पास के लोग निर्धारित समय पर पहुंच गए थे। लेकिन लोग हरियाणवी गायक ब्रम्मपाल नागर, मनोज कारणा व पूनम चौधरी के गीतों सहारे देर तक रुके रहे।

आरक्षण में कांग्रेस बनी रुकावट
खेतड़ी. गुर्जर कोर कमेटी के जवाहरसिंह ने कहा कि गुर्जर आरक्षण के मामले में कांग्रेस सबसे बड़ी रूकावट है। 1999 में जब सरकार ने गुर्जरों को एसटी में शामिल करने के लिए सुझाव मांगा तो सरकार ने पत्र का जवाब नहीं दिया। इसी प्रकार 2003 में भी कांग्रेस सरकार ने गुर्जरों को एसटी में शामिल करने की सिफारिश नहीं की। अब विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं हो रहे।





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