इंदौर. मल्हारगंज पॉली क्लिनिक में मंगलवार को ताला लगाकर कर्मचारियों व मरीजों को बंधक बना लिया था तो गुरुवार को सभी को बाहर निकाल दिया गया।
पहली घटना सांसद नारायण केसरी के परिजन में हुए विवाद के चलते हुई थी। वहीं गुरुवार सुबह 9.30 बजे को तृतीय श्रेणी शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष पी.के. यादव व ब्रजमोहन शर्मा ने सभी कर्मचारियों को बाहर निकाला और अस्पताल के मुख्य द्वार पर खड़े हो गए।
वे सिविल सर्जन डॉ. त्रिवेदी को बुलाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान मरीज परेशान होते रहे। करीब एक घंटे बाद डॉ. त्रिवेदी आए और कर्मचारियों को फटकार कर काम पर भेजा। उसके बाद कर्मचारी नेताओं, डॉक्टरों व स्टाफ से चर्चा की। उन्होंने बताया कुछ शराबी अस्पताल में घुसकर महिला कर्मचारियों से बदतमीजी करते हैं।
सुरक्षा इंतजाम भी नहीं। गंदगी से स्टाफ व मरीज परेशान हैं। इसी बीच पुरुष नसबंदी सेंटर हटाने की बात उठी तो डॉ. त्रिवेदी भड़ककर बोले सेंटर इतना अच्छा काम कर रहा है कि सभी को मदद करना चाहिए। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में किसी ने बाधा डाली तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिर उन्होंने अस्पताल का मुआयना कर प्रभारी डॉ. गोपाल गोयल को सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
नहीं हटेगा सेंटर : संवाददाताओं ने डॉ. त्रिवेदी से अस्पताल में बार-बार हो रहे विवादों की जानकारी मांगी तो बोले जल्द ही सबकुछ ठीक हो जाएगा। नसबंदी सेंटर यहां से किसी भी हालत में नहीं हटाएंगे।