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दु:खी हैं, कैसे बांटें खुशियां

इंदौर. भाजपा द्वारा चुनावी वादे पूरे नहीं करने से परेशान शिक्षक व संगठन आंदोलित हैं। कुछ ने गुरुवार को चाक डाउन हड़ताल की और कुछ ने मानव श्रंखला बनाकर विरोध जताया।

अगली कड़ी में एक संगठन भोपाल में प्रदर्शन करेगा तो दूसरा इंदौर में गांधी प्रतिमा के समक्ष फांसी लगाने का प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री से गुहार करेगा कि हमें हक न दे सकें तो फांसी ही दे दें। यह सब होगा ‘शिक्षक दिवस’ पर।

शिक्षकों का कहना है सरकार का कार्यकाल चंद महीने बचा है। कुछ दिन में आचार संहिता लागू हो जाएगी और मांगें धरी रह जाएंगी। जिले के 800 शिक्षकों ने शासकीय अध्यापक संगठन के साथ गुरुवार को चाक डाउन हड़ताल की और शुक्रवार को नीलम पार्क, भोपाल में आक्रोश दिवस मनाएंगे। उधर, राज्य अध्यापक संघ ने कलेक्टोरेट पर मानव श्रंखला बनाकर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जिसमें मुख्यमंत्री से फांसी देने की गुहार की। शुक्रवार को ये शिक्षक सुबह 9.30 बजे गांधी प्रतिमा पर फंदे बनाकर फांसी लेने का प्रदर्शन करेंगे।

नाराज हैं आधा दर्जन संगठन
शिक्षकों की मांगों के लिए आधा दर्जन संगठन सक्रिय हैं। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए युवा अध्यापक संघ, शिक्षक कांग्रेस व शिक्षक संघ, शिक्षाकर्मी से अध्यापक बने लोगों के लिए राज्य अध्यापक संघ व मध्यप्रदेश शासकीय अध्यापक संगठन और अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ संघर्ष की राह पर है।

सरकार से सभी खफा

युवा अध्यापक संघ
>> संघ के भगवती पंडित शिक्षक कांग्रेस के महेंद्र शर्मा व शिक्षक संघ के सोहनलाल परमार ने बताया अर्जित अवकाश पर पाबंदी। नकदीकरण भी रोका।
>> 28 साल में एक भी पदोन्नति नहीं। सेवाकाल में 5 पदोन्नति का प्रावधान हो।
>> बीटीआई, बीएड करने वाले शिक्षकों को वेतनवृद्धि मिले।
>> सेवा रिकॉर्ड पूरे नहीं होने से रिटायर होने के बाद परेशानी।
>> गैर शैक्षणिक कार्यो से मुक्त रखें।

राज्य अध्यापक संघ
>> जिलाध्यक्ष भरत भार्गव कहते हैं इस संवर्ग के सभी शिक्षकों को समान वेतन व सुविधाएं दी जाएं।
>> पेंशन-ग्रेच्युटी, बीमा, जीपीएफ व अनुकम्पा नियुक्ति के साथ सेवा शर्तो का खुलासा हो।
>> डी.पी. दुबे कमेटी की सिफारिशें लागू करें और वेतन में 50 प्रतिशत डीए जोड़ें या अलग से दें।
>> निगम ने 34 शिक्षाकर्मियों व 47 संविदा शिक्षकों का संविलियन नहीं किया। उसके आदेश जारी हों और एरियर भी दें।

शासकीय अध्यापक संगठन
>> जिलाध्यक्ष प्रवीण यादव ने कहा छठे वेतनमान का लाभ दें और अध्यापक संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलयन हो।
>> मेडिकल का प्रावधान भी हो ताकि बीमारी में अवकाश मिले।

मप्र माध्यमिक शिक्षक संघ
>> जिलाध्यक्ष बी.एस. यादव ने बताया भाजपा का चुनावी एजेंडा था 100 प्रतिशत अनुदान देंगे लेकिन दिया नहीं।
>> 1996-2000 की सीपीएफ राशि के भुगतान का आदेश निकला और वापस हो गया। उसमें भी चार करोड़ रुपए से ज्यादा अटके हैं।
>> हमें पांचवा वेतनमान भी नहीं मिल रहा जबकि अन्य कर्मचारियों को छठा वेतनमान देने की तैयारी।





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