इंदौर. बंवलिया खुर्द में मंदिर के लिए आरक्षित भूमि पर हुए अवैध निर्माण से जूझ रहे ग्रामीणों ने महीनों बाद चैन की सांस ली। बुधवार को तहसील कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए २४ घंटे में अवैध निर्माण हटाने के साथ निर्माणकर्ताओं से पांच-पांच सौ रुपए का अर्थदंड वसूलने के निर्देश दिए। कार्रवाई में होने वाले खर्च की वसूली भी निर्माणकर्ताओं से होगी।
मामला नेमावर रोड पर इंदौर से २५ किलोमीटर दूर स्थित बंवलिया खुर्द गांव का है। यहां मंदिर के लिए तीन हजार वर्गफीट जमीन छोड़ी थी लेकिन 1950 में मंदिर बना 208 वर्गफीट में।
बाकी जगह पर स्वरूपसिह, सुरेंद्र शर्मा और हीरासिंह का कब्जा है जिसे हटवाने के लिए पूरा गांव एकजुट होकर महीनों से संघर्षरत है। संबंधित महकमों से निराश होकर ग्रामीणों ने १ सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। २ सितंबर को मामले की सुनवाई के बाद नायब तहसीलदार ने कब्जे हटाने के आदेश जारी किए।