दिल्ली.
बहुचर्चित बीएमडब्ल्यू हिट एंड रन मामले में प्रमुख रूप से दोषी संजीव नंदा को पांच साल की कैद सुनाई गई है।
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को मामले के सह आरोपी राजीव गुप्ता को एक साल की सजा सुनाई, जबकि गुप्ता के दोनों नौकरों को छह-छह माह की कैद की सुजा सुनाई गई है। गुप्ता को 10 हजार रुपए का जुर्माना भी अदा करना होगा, जबकि साक्ष्य नष्ट करने के दोषी नौकरों पर 100-100 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
पूर्व नौसेना प्रमुख एसएम नंदा के पौत्र संजीव नंदा समेत चारों अभियुक्तों को दो सितंबर को दोषी करार दिया गया था। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान संजीव नंदा द्वारा जेल में बिताए गए नौ माह के समय को सजा में से कम करने का भी आदेश दिया है।
जेल ही एकमात्र विकल्प :
एडीशनल सेशंस जज विनोद कुमार ने सजा सुनाते हुए कहा, ‘सवाल यह है कि क्या सड़क पर चलने वाला हर व्यक्ति सुरक्षित है और क्या वाहन चालक नशे में इसी तरह का अपराध करते रहेंगे। ऐसे मामलों में समाज के प्रति जवाबदेही इसी से तय हो सकती है कि ऐसा अपराध करने वालों को जेल में डाल दिया जाए।’
ज्यादा गंभीर मामला :
इससे पहले बांबे हाईकोर्ट द्वारा एलिस्टेयर परेरा के मामले में सुनाई गई सजा का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा, ‘मौजूदा हालात के मद्देनजर नंदा का मामला ज्यादा गंभीर है। नंदा ने परेरा से ज्यादा शराब पी रखी थी और उसने सड़क पर खड़े लोगों को कुचल दिया था।’ परेरा को तीन साल कैद और पांच लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। ।