इंदौर.
बादलों ने शुक्रवार को फिर रेहमत बरसाई। तेज उमस के बाद दोपहर में बादलों गड़गड़ाहट और बिजली की चमक के साथ करीब डेढ़ घंटे तक धुआंधार बारिश हुई। हालांकि पश्चिमी क्षेत्र में अपेक्षाकृत काफी कम बारिश हुई।
सुबह से तेज उमस के कारण लोगों को बेचैनी हो रही थी। दो बजे मौसम ने करवट बदली। कुछ ही देर में घटाटोप अंधेरा छा गया। लोग कुछ समझ पाते उसके पहले ही जोरदार बारिश शुरू हो गई। लोगों को दिन में गाड़ियों की लाइट जलाना पड़ी। कुछ दूर का भी नजर नहीं आ रहा था। देखते ही देखते सड़कों पर इक्का-दुक्का गाड़ियां ही रह गईं। शाम चार बजे तक पानी बरसता रहा।
एअरपोर्ट स्थित मौसम विभाग के अनुसार सुबह 8.30 बजे खत्म हुए 24 घंटों के दौरान शहर में 3.2 मिमी बारिश हुई। सुबह 8.30 से शाम 5.30 बजे के बीच 1.4 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई। इसे मिलाकर शहर में अब तक 453.8 मिमी वर्षा हुई है, जबकि गत वर्ष इस अवधि में 803.6 मिमी वर्षा हो चुकी थी। आगामी 24 घंटों में गरज के साथ बारिश होने के आसार हैं। कृषि कॉलेज के डीन आर.के. शर्मा के अनुसार पूर्वी क्षेत्र में करीब एक इंच बारिश हुई है। इससे फसलों को काफी राहत मिली है। हालांकि मौसम मानसून के कमजोर होने व विदाई का संकेत दे रहा है।
बारिश शुरू होते ही एलआईजी, परदेशीपुरा, स्कीम नंबर 54, 74 सहित कई क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई। सुभाषनगर, एलआईजी में तो 8 बजे बाद भी बिजली नहीं लौटी। जोनल कार्याल फोन लगाने पर कहीं किसी ने अटैंड नहीं किया तो कहीं बारिश की वजह से फाल्ट होने की बात कहकर टाल दिया गया।
आधा भर गया यशवंत सागर
बारिश के बाद यशवंत सागर का जलस्तर बढ़कर साढ़े छह फीट पहुंच चुका है। तालाब में अभी साढ़े पांच फीट पानी और कम है। सागर के बढ़े जलस्तर ने जलसंकट से जूझ रहे शहरवासियों के साथ गर्मी के भयानक जलसंकट की आशंका से परेशान निगम प्रशासन को भी राहत दी।
बिलावली सहित दूसरे तालाबों का जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई। निगम के अधिकारियों के अनुसार तालाब आधे से ज्यादा भर चुका है। शनिवार सुबह तक आधा फीट की वृद्धि और हो सकती है। अब तालाब में इतना पानी आ चुका है जिसे जनवरी तक सप्लाय किया जा सकता है। बिलावली तालाब में पानी आने के बाद बिलावली टंकी भी इससे से भरना शुरू हो गई है। इससे नर्मदा का आठ लाख गैलन पानी बचने लगा है।