जयपुर.
कोटपूतली क्षेत्र में गुरुवार रात आपसी कहासुनी के दौरान पेट में चाकू लगने से घायल एक युवक सात घंटे तक मौत से संघर्ष करता रहा। एसएमएस अस्पताल में शुक्रवार तड़के ढाई घंटे चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने युवक के पेट से चाकू निकाल दिया।
घायल महेंद्र कुमार मीणा (24) कोटपूतली जिले के नारेड़ा गांव का रहने वाला है। वह गांव से आधा किलोमीटर दूर चोटिया मोड़ के नजदीक एक ढाबे पर अपने साथी ट्रक ड्राइवर का इंतजार कर रहा था।
रात 10:30 बजे हसामपुरा निवासी अभयसिंह और किशोरपुरा निवासी जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू ढाबे पर आए और थाली लगाने को कहा। ढाबा मालिक ने खाना खत्म होने की बात कही तो इससे दोनों युवक नाराज हो गए और ढाबे पर मौजूद लोगों से गाली-गलौज कर मारपीट करने लगे। जब महेंद्र सिंह बीच बचाव करने आया तो आरोपी उसके पेट में चाकू घोंपकर फरार हो गए।
घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे उसके भाई रामकिशन व पुलिस ने गंभीर घायल महेंद्र को कोटपूतली में बीडीएम अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने देर रात करीब 12:30 बजे उसको एसएमएस अस्पताल रैफर कर दिया। तड़के 3:30 बजे शुरू हुए ऑपरेशन में सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. केसी गुप्ता, डॉ. रणधीर व अन्य डॉक्टरों ने ढाई घंटे बाद महेंद्र के पेट से चाकू निकाला।
डॉक्टरों ने कहा- महेंद्र ने इच्छाशक्ति से मौत पर जीत हासिल की है।उनके अनुसार, महेंद्र ने अपने पेट को कसकर रखा, जिससे चाकू उसकी एब्डोमिनल ओर्टा व इंटीरियर वीनाकेवा नलिकाओं से केवल आधा मिमी. दूर रह गया और उसकी जान बच गई।