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बेटे को बचाने आई माँ को भी नहीं बख्शा

खनियांधाना. बामौरकलां थाना अंतर्गत ग्राम धूड़पहाड़ी में शुक्रवार की सुबह एक युवक पर चार लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। बेटे को बचाने आई उसकी माँ को भी हमलावरों ने नहीं बख्शा और उसे भी बुरी तरह चोटिल कर दिया। गंभीर हालत में युवक को जिला अस्पताल रैफर किया गया है। मारपीट की वजह खेत में मवेशी घुसना बताया गया है।

जानकारी के अनुसार ग्राम धूड़पहाड़ी निवासी सेनपाल (24) पुत्र कपूर सिंह यादव, शुक्रवार की सुबह छह बजे जब अपने घर के सामने लघुशंका कर रहा था, तभी पूर्व से घात लगाकर बैठे चार लोगों ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया एकाएक हुए इस हमले में सेनपाल बुरी तरह जख्मी होकर मौके पर ही गिर पड़ा।

बताया जाता है कि सेनपाल की चीख-पुकार सुनकर उसकी माँ अकलवती (40) पत्नी कपूर सिंह यादव, घर से बाहर आई और उसे बचाने का प्रयास करने लगी तो उन्होंने उस पर भी लाठी और कुल्हाड़ी से प्रहार कर दिया। सेनपाल को मृत समझकर आरोपीगण मौके से भाग गए।

हमले में घायल सेनपाल की कनपटी, सिर व कमर में कुल्हाड़ी के गहरे जख्म हैं जबकि अकलवती के सिर व अन्य हिस्सों पर चोटें आईं हैं। सूचना मिलते ही बामौरकलां थाना प्रभारी मौके पर पहुंच गए और गंभीर रूप से घायल सेनपाल को शासकीय खनियांधाना अस्पताल लेकर गए। यहां चिकित्सकों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए शिवपुरी रैफर कर दिया।

बामौरकलां थाना प्रभारी राहुल शर्मा ने बताया कि ग्राम में ही रहने वाले कुछ आदिवासियों के बैल दो दिन पूर्व कपूर सिंह यादव के खेत में घुस गए थे और फसल को नुकसान पहुंचाया था। जब इस संबंध में सेनपाल ने आदिवासियों से शिकायती लहजे में अपने जानवर बांधने को कहा, तो यह बात उन्हें नागवार गुजरी। इसी बात से नाराज गोपी आदिवासी, घनसिंह आदिवासी, राजधर आदिवासी एवं घुटई आदिवासी ने सेनपाल पर जानलेवा हमला कर दिया। बामौरकलां थाना पुलिस मामला दर्ज करने के लिए देहाती नालसी का इंतजार कर रही है। पुलिस का कहना है कि कुछ हमलावर उसने गिरफ्तार कर लिए हैं।

बेटे की हालत देख पिता हुआ बदहवास
आज सुबह जब सेनपाल पर हमलावरों ने हमला किया था तो उसके पिता कपूर सिंह यादव अपने खेत पर थे। घटना की सूचना मिलते ही जब वे घर पहुंचे और अपने इकलौते बेटे की मरणासन्न स्थिति देखी तो बदहवास से हो गए।





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