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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. शराब ठेकेदार के दर्जनभर से अधिक पंडों की नीयत लाखों रुपए के जुए के फड़ को देखकर बदल गई और उन्होंने जुआरियों से मारपीट कर डेढ़ लाख रुपए का फड़ व जेवर समेत दो लाख का माल लूट लिया। पुलिस ने 7 पंडों को डकैती के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया है।
सिविल लाइन पुलिस के मुताबिक शिवम विहार में फत्तेचंद तिवारी के मकान में शराब ठेकेदार भाटिया ग्रुप का पंडा अनिल यादव उर्फ अन्नी रहता था। उसके साथ कुछ और पंडे भी रहते थे। पिछले कई महीने से यहां जुआ खिलाया जा रहा था। गुरुवार की रात भी यहां लाखों रुपए का जुआ चल रहा था, जिसमें 26 जुआरी शामिल थे।
इनमें दयालबंद का प्रवीण केसरी, कमल सिंह ठाकुर, बांकेलाल सोनकर, अरुण यादव, प्रमोद गोले, दिनेश आदिले, मनोज निर्मलकर, अजय सोनी, सुरेश सिदार, जैकी गोले, वीरेंद्र सोनकर, राजू श्रीवास, असगर अली, अजय कुमार, अरुण कुमार, गुलशन छोटे, प्रशांत गुलहरे, रवीश कुमार, पप्पू कश्यप, नजीर, उमेश बंजारे, रोहित शर्मा, रंजीत बेग, पप्पू उर्फ रमेश तिवारी, हरजिंदर सिंह खनूजा, अभिषेक पांडेय और शैलेष मिश्रा जुआ खेल रहे थे।
शराब ठेकेदार के पंडे आजाद, अनिल यादव उर्फ अन्नी, कुलदीप सिंह यादव, रमेश सिंह जाट, कमल जाट, सजन कुमार जाट, अनिल जाट व भगवान जाट आदि भी यहां मौजूद थे। फड़ की रकम को देखकर पंडों की नीयत बिगड़ गई। उन्होंने एक छात्र नेता की सिक्यूरिटी कंपनी के कुछ साथी पंडों को बुलाया।
इसके बाद डंडा व राड से लैस होकर जुआ खेल रहे लोगों को घेर लिया। उन्होंने जुआरियों की जमकर पिटाई की, फिर फड़ की रकम के अलावा 22 मोबाइल, 5 सोने की चेन, 6 सोने की अंगूठियां, चांदी की अंगूठियां आदि लूट लिए। इसके बाद उन्हें कमरे में बंद कर फरार हो गए। किसी तरह जुआ खेल रहे लोग बाहर आए और मित्रों से संपर्क किया। इसकी सूचना सीएसपी सिविल लाइन रामकृष्ण साहू को दी गई।
उनके नेतृत्व में पुलिस टीम पहले जुआरियों को थाने लेकर आई, फिर शराब ठेकेदार के अड्डे से पंडों को पकड़ा गया। उनके पास से कुछ रकम, मोबाइल व जेवर बरामद किए गए हैं। अभी आजाद नाम का पंडों का सरगना फरार है, वहीं वारदात में शामिल अन्य पंडों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने पंडों के खिलाफ धारा 395 के तहत डकैती का जुर्म कायम कर लिया है। जुआरियों के खिलाफ 13 जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
10 लाख का था फड़?
जुआ खेल रहे लोगों का कहना है कि फड़ में 10 लाख रुपए से अधिक का दांव चल रहा था। इसे देखकर ही पंडों की नीयत खराब हुई थी।
ठेकेदार का बेटा खेल रहा था जुआ
बताया जाता है कि फत्तेचंद तिवारी ने शराब ठेकेदार से कर्ज लिया था। कर्ज नहीं लौटाने पर ठेकेदार ने मकान पर कब्जा कर लिया है। यहां पर जुआ खिलाया जाता था। कल रात शराब ठेकेदार का एक बेटा भी फड़ में शामिल था। जब वह बड़ी रकम हार गया तो उसने ही अपने पंडों से लूटपाट कराई होगी।
पंडों का आतंक
बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते शराब ठेकेदारों ने शहर में बिहार, हरियाणा, उत्तरप्रदेश के सैकड़ों पंडे नौकरी पर रखे हैं। इनके बीच आए दिन हिंसक वारदातें होती रहती हैं। तारबाहर में शराब ठेकेदारों के दो ग्रुपों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, वहीं ठेके से लौटते समय हुई मारपीट में एक की जान चली गई थी।
पंडों द्वारा मारपीट और आतंक फैलाए जाने के आरोप लगते रहे हैं। आज की वारदात के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पंडे ठेकेदार की पहुंच के आड़ में अवैध रूप से शराब बिक्री के अलावा जुआ भी संचालित कर रहे हैं। पुलिस की ओर से ठेकेदारों पर दबाव नहीं होने के कारण पंडों का आतंक बढ़ने लगा है।