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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. जिले के राशन दुकान संचालकों को नगरीय एवं स्वास्थ्य कल्याण मंत्री की चेतावनी का भी खौफ नहीं है। गड़बड़ी पर जेल भेजने की धमकी के बावजूद राशन व खाद्य तेल के वितरण में बंदरबाट की शिकायत मिल रही है।
ऐन चुनाव के वक्त मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना लड़खड़ाने लगी है। जिला मुख्यालय की खाद्य शाखा को लगातार विभिन्न ब्लाकों से गरीबी रेखा के चावल वितरण में गड़बड़ी की शिकायत मिल रही हैं। शिकायतकर्ताओं ने खाद्य शाखा के नेट में सीधे नामजद शिकायत की है कि अमुक राशन दुकानदार गरीबी रेखा के कार्डधारकों को राशन नहीं दे रहे हैं। वहीं गौरेला, पेंड्रा समेत अन्य ब्लाकों से खाद्य तेल वितरण में गड़बड़ी की शिकायतें आने लगी है।
गौरेला के एक हितग्राही ने शिकायत की है कि शासकीय योजना के तहत दो कार्ड में तेल का एक पैकेट दिया जा रहा है, नियमानुसार एक पैकेट देने की योजना है, वहीं पेंड्रा व कोटा क्षेत्र के हितग्राहियों ने पैकेट में एक लीटर के बजाए 850 ग्राम तेल होने की शिकायत की है। खाद्य तेल के पैकेट में तेल की मात्रा का उल्लेख है जिसमें 1 लीटर या 910 ग्राम तेल होना लिखा गया है। आंध्र प्रदेश काकीनाड़ा के केडिया ओवरसीस लिमिटेड को तेल के पैकिंग का काम मिला है। खाद्य तेल की पैकेट की सप्लाई आंध्रप्रदेश काकीनाड़ा से की जा रही है।
गौरेला, पेंड्रा, मरवाही,तखतपुर व मस्तूरी क्षेत्र के नागरिक इंटरनेट से सीधे गड़बड़ी की शिकायत खाद्य विभाग के इंटरनेट में कर रहे हैं। इसके आधार पर विभाग द्वारा फूड इंस्पेक्टरों से शिकायतों की जांच कराई जा रही है। सभी इंस्पेक्टरों को शिकायतों की प्रति देकर जांच के लिए भेजा गया है और उन्हें एक सप्ताह के अंदर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने निर्देशित किया गया है। ऐन चुनाव के वक्त मिल रही शिकायतों ने मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता के तहत वितरण व्यवस्था को उजागर कर दिया है।
नगरीय एवं स्वास्थ्य कल्याण मंत्री अमर अग्रवाल ने इस योजना के शुभारंभ के दौरान अपने उद्बोधन में यह कहकर गरीब परिवारों का दिल जीतने की कोशिश की थी, कि खाद्यान्न की गड़बड़ी करने वाले खाद्यान्न माफिया व राशन दुकानदारों को किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। गरीबों का हक मारने वाले ऐसे तत्वों को सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी लेकिन खाद्य विभाग की कार्रवाई इन शिकायतों के आगे महज खानापूर्ति साबित हो रही है।
क्या है स्थिति
मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत खाद्य शाखा को अभी तक गड़बड़ी की 141 शिकायतें मिलीं हैं। खाद्य शाखा की मानें तो अभी तक 130 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। दिलचस्प बात है कि अभी तक इंटरनेट पर की गई शिकायतों के आधार पर केवल दो राशन दुकान संचालकों का लाइसेंस निलंबित किया गया है।
खाद्य शाखा को प्राप्त शिकायतों का एक सप्ताह के अंदर निराकरण किए जाने का निर्देश है। शिकायत मिलने पर फूड इंस्पेक्टरों को जांच के लिए मौके पर भेजा जाता है। खाद्य तेल का पैकेट आंध्र प्रदेश से आया है, इसलिए इसमें गड़बड़ी की आशंका कम है, फिर भी शिकायत के आधार पर जांच के लिए अमला भेजा गया है।
-आरएस ठाकुर, सहायक खाद्य अधिकारी