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चप्पे-चप्पे पर नजर की तैयारी

बिलासपुर. गुरुवार को हुए धमाकों के बाद हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जा रही है। मेन गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को आज मेटल डिटेक्टर उपलब्ध करा दिए गए, वहीं हाईकोर्ट भवन जाने के लिए बनाए गए दोनों चैनल गेट पर हाई हाउसिंग मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी) लगाए गए हैं, जिनसे हाईकोर्ट के अंदर हथियार या किसी तरह का विस्फोटक ले जाने पर तुरंत पता चल जाएगा।

हाईकोर्ट की छत पर कल सुतली बमों (पटाखे) के धमाके के बाद यहां सुरक्षा व्यवस्था में खामी उजागर हो गई है। सुरक्षाकर्मियों के पास जांच के पर्याप्त साधन न होने और वकील व क्लाइंट के लगातार आने-जाने के कारण सब पर नजर न रख पाने के कारण किसी ने सबकी नजर बचाकर इस घटना को अंजाम दिया है। सुरक्षा व्यवस्था में कमी की बात कल आईजी राजीव श्रीवास्तव ने भी स्वीकारी थी।

इसके बाद आज यहां की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता बनाने की कवायद शुरू कर दी गई। सुबह से ही यहां चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी दिखे, जो आने-जाने वालों पर निगाह रखे हुए थे। मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने लोगों को रोककर पूछताछ की और उनके कपड़ों की तलाशी भी ली। वाहनों पर भी नजर रखी गई। अब तक बिना मेटल डिटेक्टर के लोगों को हाईकोर्ट के अंदर जाने दिया जा रहा था, जिससे उसके पास रखी वस्तुओं का पता नहीं चल पाता था। आज हाईकोर्ट भवन के अंदर जाने के लिए बने दोनों चैनल गेट पर एचएचएमडी लगा दिए गए हैं, जिससे हथियार या विस्फोटक पदार्थ ले जाने पर तुरंत जानकारी मिल जाएगी।

यही व्यवस्था चीफ जस्टिस के कोर्ट रूम जाने के लिए बने ऊपर के गेट पर की गई है। हाईकोर्ट भवन की छत पर जाने के लिए बनाए गए तीनों गेट बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा पार्किग व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। कार व अन्य वाहन अब सरकारी वकीलों के दफ्तर या बरगद पेड़ के आसपास नहीं खड़े किए जाएंगे। उन्हें बार एसोसिएशन के दफ्तर के सामने खाली पड़ी जगहों पर पार्क किया जाएगा। हाईकोर्ट के दक्षिण में रजिस्ट्रार जनरल दफ्तर के बाद की बाउंड्रीवाल अपेक्षाकृत कम ऊंची है। यहां पर लोगों का आना-जाना कम होने से सन्नाटा रहता है। इस दीवार को ऊंची कर इसमें कंटीले तार की फेंसिंग की जाएगी।

चीफ जस्टिस ने ली अधिकारियों की बैठक
चीफ जस्टिस राजीव गुप्ता ने आज आईजी राजीव श्रीवास्तव, कलेक्टर सुबोध सिंह, एसपी विवेकानंद सिन्हा, हाईकोर्ट के सुरक्षा अधिकारी डीएसपी एसएन पटैरिया सहित एडीशनल एसपी और सीएसपी की बैठक ली। उन्होंने इस दौरान हाईकोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी ली। इस दौरान अधिकारियों ने इस संबंध में अब तक किए गए उपायों और आगे किए जाने वाले कार्यो की जानकारी दी। इस दौरान हाईकोर्ट के अन्य जज भी उपस्थित थे।

कार के शीशे रखने होंगे खुले
हाईकोर्ट के अंदर जाने वाले कारों के शीशे बंद रहने पर अब तक ऐतराज नहीं किया जाता था, लेकिन इस घटना के बाद हाईकोर्ट परिसर में कार ले जाने पर उसके शीशे खुले रखने पड़ेंगे। सुरक्षाकर्मी गेट पर ही कार की पूरी तलाशी लेंगे। इसी तरह मोटरसाइकिल की भी जांच की जाएगी। थोड़ी भी शंका होने पर उसे अंदर नहीं जाने दिया जाएगा और सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया जाएगा। इसी तरह गेटपास को अनिवार्य किया जा रहा है ताकि आने-जाने वालों को पहचानने में दिक्कत न हो। दिन-रात होगी गश्त
हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इसके तहत मुख्य मार्ग पर दो की जगह पर तीन सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। रात में यहां एक-चार के गार्ड लगाए जाएंगे, जो पूरी रात गश्त करेंगे। इसके अलावा हरेक थाने से एक टीआई व डीएसपी रोज ही यहां दिन में आकर भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे। इसके अलावा एसपी व अन्य अधिकारी भी बीच-बीच में आकस्मिक निरीक्षण पर आएंगे।





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