Manoranjan
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‘अक्सर’ की सफलता के बाद पिछले कुछ समय से उदिता गोस्वामी का कैरियर हिचकोले खाता नज़र आ रहा था। अटकलें लग रही थीं कि कहीं वह साउथ जाने की तो नहीं सोच रहीं। लेकिन वो तो कहती हैं कि..
‘फॉक्स’ के गाने ‘सैक्सी कुड़िए..’ की बड़ी चर्चा है! क्या यह आइटम नंबर है या आप फिल्म में रोल भी कर रही हैं? नहीं-नहीं, मेरा रोल भी है फिल्म में। यह गाना तो मेरे द्वारा आयोजित पार्टी में होता है। इसे हमने मढ आईलैंड में शूट किया है, मगर फिल्म में इसे गोवा की पृष्ठभूमि में पेश किया जाएगा।
.. और दूसरी फिल्म?
सनी देओल के साथ ‘द मैन’ में मेरी स्पैशल अपीयरैंस है। ‘विजेता फिल्म्स’ के लिए इसे सनी ही डायरैक्ट भी कर रहे हैं। अक्सर हीरोइनें कहती हैं कि फलां फिल्म में मेरा अलग लुक है, मगर मैं कहूंगी कि ‘द मैन’ में वाक़ई मेरा बिल्कुल नया लुक होगा।
‘पाप’ के बाद कहा जा रहा था कि इंडस्ट्री को एक नई बिपाशा बसु मिल गईं! फिर आपका कैरियर हिचकोले क्यों खाने लगा? यह अलग बात है कि अगले साल मेरी चार फिल्में आएंगी, मगर अभी तक साल में नॉर्मली मेरी एक ही फिल्म आती रही है। ऐसा मैंने सोच-विचार कर किया, पता नहीं। लेकिन फिल्म करने के लिए आपको अच्छी स्क्रिप्ट भी तो मिलनी चाहिए।‘पाप’ और ‘ज़हर’ के बाद भट्ट कैंप से आपकी नाराज़गी हो गई?
न नाराज़गी है, न दोस्ती!
एक हिट गाना अगर किसी का कैरियर बना सकता है, तो ‘अक्सर’ के गाने से आपको कितना फ़ायदा हुआ?
मेरा घर ‘अक्सर’ के ही गाने से बना है। कई लोग बीच में पूछते थे कि मैं हूं कहां? अब मैं पीआर में तो माहिर हूं नहीं, जो उन्हें संतुष्ट कर सकूं। लेकिन असल में मैं वर्ल्ड टूर पर थी और यही ‘झलक दिखला जा..’ गाना वहां पर मेरे शोज़ को हिट बनाए हुए था।
साउथ की अथवा बांग्ला फिल्मों के बारे में क्या ख्याल है? फ़िलहाल नहीं। मुझे लगता है कि साउथ या बांग्ला फिल्में •यादातर वही लोग करते हैं, जिन्हें पैसे की ज़रूरत होती है। मैं बॉलीवुड में ही ख़ुश हूं।
एक्टिंग के अलावा भी फिल्मों में कुछ करना चाहेंगी?
अभी सोचा नहीं है। लेकिन डेफिनेटली, इवेंट मैनेजमेंट करना चाहूंगी। क्या होता है कि जिस फील्ड में आप होते हैं, उसकी आपको जानकारी होती है। इसलिए मैं अपने अनुभव का उपयोग इवेंट मैनेजमेंट में करूंगी।
आज की किस हीरोइन को आप देखती हैं कि वह दूर तक जाएगी? आज की तो नहीं कहूंगी, पर हां, करीना कपूर में मैंने बहुत पहले देख लिया था कि वह बॉलीवुड में लंबा सफ़र तय करेंगी।
तक़दीर को मानती हैं या मेहनत को? मेहनत को, जिसके बिना कुछ हो ही नहीं सकता। तक़दीर की भी अपनी इंपॉर्टेस है। कई ऐसे क़ाबिल लोग हैं, जो कामयाब नहीं हैं क्योंकि लक नहीं है उनके पास। लेकिन मेहनत करना तो सबसे •यादा ज़रूरी है।
मोहित सूरी से आपकी फिर दोस्ती की चर्चा है? हां, सही बात है। लेकिन जाने दीजिए। इस बारे में मैंने बोलना ही बंद कर दिया है। मैं बोलती कुछ हूं, प्रिंट कुछ और होता है। मोहित भी जो नहीं बोलता, वह भी प्रिंट हो जाता है। जब आप लोगों को जो लिखना है, लिखते ही हैं, तो इस बारे में बातें क्यों?
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