इंदौर. मैडम हम अपनी गलती पर शर्मिदा हैं, आप कैसे भी माफ कर दो.. भले ही कोई भी कीमत चुकाना पड़े.. हम व्हाइट कॉलर, हाई सोसायटी में उठने-बैठने वालों में हैं.. अगर पुलिस केस बना तो बड़ी बदनामी होगी।
ये मिन्नतें मांगी फॉर्मा कंपनियों के तीन अधिकारियों ने ‘वी केयर फॉर यू’ सेल प्रभारी प्रीति बाथरी से। उन्हें एक अन्य फॉर्मा कंपनी के जोनल मैनेजर को धमकाने की शिकायत पर पकड़ा गया था। तीनों को पलासिया थाना पर प्रकरण दर्ज कर शाम को गिरफ्तार कर लिया गया।
चंद्रलोक कॉलोनी, खजराना निवासी दुर्गेश प्रमोदकृष्ण भटनागर इंटास फार्मास्युटिकल कंपनी (अहमदाबाद) के रीजनल बिजनेस मैनेजर हैं। उन्हें करीब पांच महीने से रोज रात 11 से 2 के बीच मोबाइल पर अपशब्द कहे जा रहे थे। शुरुआत में तो उन्होंने ध्यान नहीं दिया लेकिन 31 जुलाई को वे उज्जैन टूर पर थे तब शाम 5 बजे एक फोन आया। उस पर सामने वाले ने कहा- भाई को परेशान करता है, तुझे घर से उठवा लूंगा। तू जब तक घर पहुंचेगा तब तक बीवी-बच्चों को मार डालूंगा।
वे घबराए और तत्काल घर पहुंचे तो पाया सभी सुरक्षित हैं। फिर पलासिया थाने पर शिकायत की लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। अंतत: 28 अगस्त को सेल प्रभारी प्रीति बाथरी को आवेदन दिया।
उन्होंने उसी दिन पांच घंटे मशक्कत कर एक मोबाइल नंबर मालिक को तलाश लिया। वह था प्रमोद पिता आरएस पाटिल निवासी सुदामानगर, जो वंडर वेनबैरी फार्मा कंपनी का बिजनेस हेड था। आगे की पड़ताल में एमक्योर फॉर्मा के सेल्स मैनेजर राजेश पिता केके खन्ना (भोपाल) व बलवीरसिंह तलूजा (जबलपुर) और हेलियोज फॉर्मा के एरिया मैनेजर तेजपाल पिता डीएस रावत निवासी महेशगार्ड लाइन का पता चला।
बदला लेने के लिए
बलवीर को छोड़ तीनों आरोपियों को शनिवार सुबह सेल के दफ्तर लाए। श्रीमती बाथरी व आरक्षक अनिल चतुर्वेदी ने पूछताछ की तो पता चला खन्ना तीन साल पहले एमक्योर फॉर्मा में रीजनल मैनेजर था। उसे श्री भटनागर जोनल की रिपोर्ट पर निकाल दिया गया। इसका बदला लेने के लिए वह और बलवीर उन्हें सता रहे थे। परिवार को मारने की धमकी प्रमोद के मोबाइल से तेजपाल ने दी थी। हालांकि उसने केवल अपशब्द कहना स्वीकारा।
मैं एसपी के बंगले से बोल रहा हूं
प्रमोद का मोबाइल नंबर सामने आने पर श्रीमती बाथरी ने कॉल किया तो उसने पिता के थानेदार होने का रुतबा झाड़ा। पता चला वे वर्षो पहले रिटायर हो चुके हैं। खन्ना के ससुर भोपाल से बतौर डीएसपी रिटायर हुए। तेजपाल के लिए तो पुलिसकर्मी धीरेंद्र राठौर ने फोन कर कहा एसपी बंगले से बोल रहा हूं.. क्या मामला है। श्रीमती बाथरी ने पूछताछ की तो घबराकर फोन रख दिया।
अब यहां समझौता नहीं होता
30 अगस्त को बदनावर की बीकॉम की छात्रा को अपहरण की धमकी देने वाले तीन छात्रों को सेल ने पकड़ा था। उन्होंने दबाव डालकर छात्रा के परिजन से समझौता कर लिया। मामला एसपी आरके चौधरी के सामने पहुंचा तो उनसे भी बदतमीजी की गई लेकिन कोई केस दर्ज नहीं हो पाया।
वह खबर ‘भास्कर’ ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। तब एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे अब किसी मामले में समझौता नहीं होगा। हर हाल में प्रकरण दर्ज करें। इसकी पुष्टि सेल प्रभारी ने भी की। जानकार बताते हैं इसके चलते श्री भटनागर को भी साफ कर दिया था आरोपियों से समझौता किया तो उन पर ही कार्रवाई कर दी जाएगी।