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नर्मदा में समा गई 18 जानें

बड़वाह(खरगोन). शनिवार तड़के सनावद के पास अंजरूद गांव से गम्मत देखकर लौट रहे बामनपुरी व पिड़ाय के 18 युवकों से भरी ट्रैक्स मोरटक्का पुल से 100 फीट नीचे नर्मदा नदी में जा गिरी। घटना 3 से 4 बजे के बीच की है।

सूरज निकलने के बाद हादसे का पता चला। नाविकों और अन्य लोगों की मदद से प्रशासन ने जीप में फंसे आठ और कुछ दूरी पर डूबे दो शव बाहर निकाले। गोताखोरों की मदद से शेष की तलाश की जा रही है। सभी सवार 18 से 35 वर्ष के थे।

दो गांवों में कोहराम
ट्रैक्स में बामनपुरी के 1४ लोग गुर्जर समाज के थे। हादसे के बाद बामनपुरी और पिड़ाय में दिनभर कोहराम मचा रहा। जिन लोगों के शव बरामद किए गए उनमें रवि गुर्जर (20), रामेश्वर छगन (35), सेवकराम नंदराम (30, प्रेमलाल कैलाश (20), सोहन सुखलाल (25), हरिकरण तुलसीराम (25), सुखलाल बलिराम (25), प्रेमलाल पूना (25), नवीन मोहनलाल (18) और महेश रमेश शामिल हैं। इसके अलावा दिलीप मांगीलाल (30), दुर्गाराम गौरीशंकर (24), ओमप्रकाश चेतराम, प्रवीण परसराम, तेजमल जीवन, देवा कीर, दुर्गाराम शोभाराम सेन और वेणीराम जयराम की गोताखोरों द्वारा तलाश की जा रही है।

दिन होते ही डूबे संस्कृति के सूरज
नर्मदा की लहरों में शनिवार तड़के ऐसा हादसा हुआ कि सूरज उगने से पहले ही अस्त हो गया। इसी के साथ हमेशा के लिए खामोश हो गई वे आवाजें जो निमाड़ी संस्कृति को सहेजने के लिए गांवों की चौपालों पर गूंजा करती थीं। हादसे का शिकार हुए युवक गांव में गम्मत करने के साथ ही आसपास के गांवों में भी निमाड़ी संस्कृति के रंग बिखेरने जाया करते थे। मृतक प्रेमलाल के पिता पूनाजी ने गांव में गम्मत को विरासत के रूप में संभालकर रखा है।





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