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Raipur Raipur रायपुर.
योग के आसन और उनकी क्रियाएं शरीर में किस हद तक प्रभाव डाल सकती हैं, इसका अंदाजा शायद अब डाक्टरों को भी होने लगा है। एक-दो नहीं बल्कि शरीर में दर्जनों प्रकार की बीमारियों को ठीक करने के लिए डाक्टर मरीजों को योग की सलाह देने लगे हैं।
आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कोटा के गौरीशंकर दुबे (45) को डायबिटीज और एनीमिया की बीमारी है। जांच के बाद डाक्टरों ने आधा दर्जन दवाएं जरूर लिखीं, लेकिन साथ में नियमित योग करने की सलाह भी दी।
डाक्टरों का मानना है कि नियमित रूप से योग के कुछ आसन करने से उसकी बीमारी जल्दी ठीक हो जाएगी। गायनकोलाजी ओपीडी में जांच के लिए आई गर्भवती महिला सुरभी गोस्वामी को दवाओं के अलावा रोज सुबह योग करने के लिए कहा गया। उसकी पर्ची में भी यह सलाह दी गई है। मिली जानकारी के मुताबिक यहां वार्डो में भर्ती करीब 10 महिलाओं को हल्के-फूल्के योग करने की सलाह दी गई है। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि योग किस तरह डाक्टरों के इलाज का हिस्सा बन गया है।
ऐसे दो दर्जन से ज्यादा प्रमुख बीमारियां हैं, जिनमें प्राथमिकता से योग के टिप्स दिए जा रहे हैं। मेडिसिन विभाग में आने वाले हाइपरटेंशन, अस्थमा, पीठ दर्द, शारीरिक दर्द, सिरदर्द, टेशन, आदि के बीमारी वालों को भी योग की नियमित सलाह दी जा रही है। गर्भवती महिलाएं और गायनी से संबंधित बीमारियों के लिए भी सभी महिलाओं को योग की सलाह दी जा रही है। एक सर्वे के मुताबिक आंबेडकर अस्पताल की ओपीडी और वार्डो में भर्ती करीब 70 प्रतिशत महिलाओं को दवाओं के उपचार के अलावा योग की सलाह दी जा रही है।
कभी-कभी दवा से भी असरदार
नेफ्रोलाजी विभाग के प्रमुख डा. पुनीत गुप्ता ने कहा कि किडनी और मेडिसिन से संबंधी कुछ बीमारियों में तो योग ज्यादा कारगर है। दवाएं भी जब काम नहीं आती तो मरीजों को योग करने को कहा जाता है। उन्होंने बताया कि टेंशन, पेट संबंधी बीमारियां और शराब की लत भी योग करने से दूर की जा सकती है। गायनकोलाजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. तृप्ती नागारिया ने बताया कि आमतौर पर योग जैसे सभी के लिए फायदेमंद होता है, वैसे ही महिलाओं को बीमारी के दौरान इसका लाभ होता है।
ऐसे में योग करें
डायबिटीज, हाइपरटेंशन, अस्थमा व सांस की समस्या, पेट संबंधी बीमारी, पीठ दर्द व शारीरिक दर्द, प्रेग्नेसी, टेंशन, किडनी के कुछ रोग, हड्डियों के दर्द, गले की बीमारियां आदि।
मरीज भी संतुष्ट
दर्द, कष्ट और बीमारी से परेशान मरीज जब डाक्टरों द्वारा योग करने की सलाह पर हैरान हो जाते हैं। वार्डो में भर्ती कुछ मरीजों से बातचीत की गई तो उन्होंने योग के फायदे गिना दिए। भिलाई के सतीश अग्रवाल को हाइपरटेंशन और पथरी की तकलीफ है। डाक्टर की सलाह पर योग करने से उन्हें खासा फायदा हो रहा है। बीमार होने के बाद भी वे अंदर से स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। गायनकोलाजी वार्ड में भर्ती भारती सोनवानी ने बताया कि डिलिवरी के बाद से उन्हें कई तरह की तकलीफ है।
विदेशों में गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी
डा. गुप्ता ने बताया कि खासकर पश्चिमी देशों में गर्भवती और डिलिवरी के दौरान महिलाओं को योग आवश्यक भी कर दिया गया है। वहां माता-पिता के लिए विशेष योगा क्लास के शिविर भी लगाए जाते हैं। कुछ बड़े अस्पतालों में बकायदा योग के प्रशिक्षक भी हैं, जो मरीजों को इलाज के दौरान विशेष टिप्स भी देते हैं।
बीमारी से लड़ने की क्षमता बढ़ती है
मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डा. जीबी गुप्ता ने कहा कि योग शरीर की कई बीमारियों के लिए फायदेमंद है। इसका असर सीधा होता है। दवाओं के उपचार से बीमारी ठीक होती है लेकिन योग करने से आगे उस बीमारी से लड़ने की क्षमता शरीर में विकसित होती है। खासकर सांस, हाइपरटेंशन, डायबिटीज, शारीरिक दर्द और प्रैग्नेंसी के दौरान योग फायदेमंद साबित हो रहा है।
जवान दिखना है..
आथरेपेडिक डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. अतिन कुंडु ने कहा कि उम्रदराज लोगों को अगर जवान दिखना है तो योग के कुछ टिप्स फायदेमंद हैं। योग से हड्डियां मजबूत होती है। बूढ़े लोगों को योग की सलाह सिर्फ इसलिए दी जाती है क्योंकि उनकी हड्डियां मजबूत होंगी।