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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्षों और पदाधिकारियों को बुलाकर एकजुटता दिखाने के लिए कांग्रेस भवन में बुलाई गई बैठक में आज हंगामा हो गया। जातिवाद की राजनीति पर बात करने वाले सूरज निर्मलकर को युकांइयों ने घेर लिया। उनसे झूमाझटकी कर पिटाई की कोशिश की।
सूत्रों के अनुसार बैठक में सूरज निर्मलकर ने इस बात पर कटाक्ष किया कि भाजपा में बनियावाद हावी है तो कांग्रेस में ब्राrाणवाद। इतना सुनते ही वहां मौजूद युवक कांग्रेसी भड़क गए। युवकों ने कहा कि कांग्रेस में जाति के आधार पर राजनीति नहीं होती। इस तरह की बात करना गलत है।
नाराज युवक सूरज के पास पहुंच गए और उससे माइक छीनकर धक्का-मुक्की करने लगे। बताते हैं कि कुछ युवकों ने धक्का देते हुए सूरज को बाहर निकाला। सूरज बगल वाले कमरे में घुस गया तो उस कमरे के बाहर युवकों का हुजूम लग गया। कुछ लोग सूरज को बाहर लेकर आए और बाहर निकाला। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू, कार्यकारी अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा और चरणदास महंत भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि पिटाई करने वालों में कुछ युवक पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के समर्थक हैं।
कांग्रेस से निष्कासित करने की मांग
घटना के बाद अनेक कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू को ज्ञापन देकर सूरज निर्मलकर को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि सूरज को इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्यामाचरण शुक्ल पर टिप्पणी करने की वजह से पार्टी से निकाल दिया गया था। श्री साहू ने नेताओं को स्पष्ट किया कि सूरज कांग्रेस के किसी मोर्चा संगठन का पदाधिकारी नहीं है।
रायपुर की चारों सीटें जीतने का संकल्प
युवक कांग्रेस के पूर्व पदाधिकारियों ने संकल्प लिया है कि रायपुर शहर की चारों विधानसभा क्षेत्रों से कांग्रेस को जीत दिलाएंगे। बैठक में मांग की गई कि रायपुर शहर के लिए अलग से घोषणा पत्र जारी किया जाए। साफ सुथरे एवं नए चेहरों को मौका देने की मांग भी प्रदेश पदाधिकारियों से की गई।
टिकट देने का आधार आर्थिक मजबूती न हो, बल्कि कार्यकर्ताओं के बीच से टिकट दिया जाए। पूर्व अध्यक्षों की एक समिति बनाकर शहरी क्षेत्रों के लिए अलग रणनीति बनाई जाए। बैठक में प्रमोद चौबे, संजय पाठक, सूर्यमणि मिश्रा, महेंद्र छाबड़ा, अजय त्रिपाठी, श्रीकुमार मेनन, मनिंदरसिंह गिल, विकास दुबे, अशोक बानी, कृष्णकांत पाठक, जमशेद अहमद, बलजीत भाटिया, वकील अहमद, सुरेश ठाकुर, गिरीश दुबे, घनश्याम राजू तिवारी, संजय अवस्थी, शिव सिंह ठाकुर, जसवीर सिंह ढिल्लन समेत अनेक पूर्व पदाधिकारी मौजूद थे।
मैंने जातिवाद का ठप्पा तोड़ने की बात कही : सूरज
विवाद को हवा देने वाले सूरज निर्मलकर ने कहा कि मैंने कभी भी विवाद वाली बात नहीं कही। मैं तो यह कहना चाहता था कि जिस तरह भाजपा पर बनियावाद को बढ़ावा देने का आरोप लगता रहा है कि वैसा ही कांग्रेस पर ब्राम्हणों को बढ़ावा देने का आरोप लगता रहा है। हमें इस ठप्पे से बाहर निकलने की जरूरत है।
श्री निर्मलकर ने कहा कि उनकी बात पूरी नहीं होने दी गई और बीच में माइक छीन लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी किसी ने पिटाई नहीं की है।