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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. तोरवा डिवीजन के उपभोक्ताओं को एटीपी (आल टाइम पेमेंट) मशीन से बिजली बिल पटाने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
कंपनी द्वारा मशीन एक सप्ताह पहले से ही भेज दी गई है, लेकिन मशीन को चालू करने के लिए इंजीनियरों का इंतजार हो रहा है। सूत्रों के अनुसार इंजीनियरों की खोज-खबर के लिए अधिकारियों द्वारा कंपनी से संपर्क किया गया था, लेकिन उन्हें भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
तोरवा में एटीपी मशीन लगाने की कवायद फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है। विद्युत मंडल ने अपनी योजना के मुताबिक बैंगलोर से एटीपी मशीन एक सप्ताह पहले से मंगा ली है, जिसे कंपनी के इंजीनियरों के हाथों चालू कराना था।
विद्युत मंडल के अनुसार जिस कंपनी से मशीन मंगाई गई है उसे मशीन के साथ इंजीनियर भेजना था। इंजीनियरों को मशीन की स्थापना करने के बाद करीब एक सप्ताह तक यहीं रुकना था, ताकि शुरुआती दौर में मशीन के भीतर आने वाली खराबी को तत्काल सुधारा जा सके। इसके विपरीत कंपनी ने इंजीनियरों को एक सप्ताह के लिए भेजना तो दूर केवल मशीन भेजकर ही छुट्टी पा ली है। ऐसी स्थिति में तोरवा डिवीजन में मशीन से बिजली बिल पटाना बीरबल की खिचड़ी साबित हो रहा है।
42 हजार उपभोक्ता, तीन संग्रहण केंद्र
तोरवा डिवीजन में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या में दिनों-दिन बढ़ोतरी हो रही है। आज की स्थिति में डिवीजन अंतर्गत उपभोक्ता संख्या 42 हजार तक पहुंच चुकी है। इधर मंडल द्वारा उपभोक्ताओं की संख्या तो बढ़ाई जा रही है, लेकिन इसके अनुपात में सुविधाएं नहीं के बराबर हैं।
तोरवा डिवीजन में बिल संग्रहण के लिए केवल तीन केंद्र बनाए गए हैं। 42 हजार उपभोक्ताओं का बिल संग्रहण इमलीपारा, नेहरू चौक एवं नेहरू नगर स्थित केंद्र में होता है, जिससे बिल पटाने यहां लंबी लाइन लगी रहती है। इन केंद्रों में भी बिल पटाने वाले उपभोक्ताओं के लिए शेड की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे धूप व बारिश में भी खुले में खड़े रहना उपभोक्ताओं की मजबूरी रहती है।