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इसलिए नहीं पेश हो सका बिल

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार अग्निशमन सेवा विधेयक, 2008 को राज्यपाल डॉ. एआर किदवई की अनुमति के बगैर विधानसभा में पेश करने जा रही थी। बिल का मसौदा तैयार था और मानसून सत्र में विचार के लिए मंत्रियों और सदन के सदस्यों को वितरित भी कर दिया था, लेकिन अचानक स्थानीय निकाय मंत्री एसी चौधरी ने इसे वापस लेने का ऐलान कर दिया।

राज्यपाल के पास जाएगा बिल
इस बिल को अगले हफ्ते मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद राज्य सरकार चाहे तो इस बारे में आर्डिनेंस जारी कर सकती है और इसे राज्य विधानसभा के अगले सत्र में पेश किया जा सकता है।

अलग से बनेगा निदेशालय
सरकार अग्निशमन सेवाओं के लिए अलग से निदेशालय बनाएगी। अभीअग्निशमन सेवाओं के रख-रखाव का जिम्मा शहरी स्थानीय निकाय, विद्युत प्रसारण निगम,मंडी बोर्ड, हैफेड, हुडा, और औद्योगिक मूलभूत विकास निगम के पास है।

केंद्र सरकार का दबाव
केंद्र सरकार पिछले काफी समय से राज्य सरकारों पर दबाव डालती रही है कि अग्निशमन सेवाओं के लिए अलग से एक निदेशालय बनाया जाए।

जुर्माने और सजा का प्रावधान
बिल में आग से बचाव के लिए तय नियमों का पालन नहीं करने पर तीन महीने की कैद या पांच हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है।

पंडाल के लिए भी नियम
पंडाल के लिए भी आग से बचाव के लिए नियम बनाए जाएंगे। ऐसा नहीं करने पर उनके लिए भी सजा व जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा।





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