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बनेगा ‘0’ सड़क हादसों का शहर

उदयपुर. उदयपुर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्र्गो के फोरलेन में तब्दील होने से लोगों की यात्रा सुरक्षित हो गई है। यही वजह है कि कुछ सालों में इन मार्र्गो पर होने वाली सड़क दुर्घटनाएं काफी कम हो गई है।

राज्य में अन्य शहरों के मुकाबले उदयपुर में सड़क दुर्घटनाओं में करने वालों की संख्या भी कम है। उदयपुर-ब्यावर और उदयपुर-पिंडवाड़ा मार्ग के फोरलेन होने के बाद उदयपुर में सड़क हादसों की संख्या नगण्य हो जाएगी।

सड़क हादसों के लिहाज से जयपुर नंबर वन पर है और चित्तौड़गढ़ टॉप तीन में शामिल है। राज्य के 34 जिलों में उदयपुर 24वें नंबर पर है जबकि औसत के हिसाब से सर्वाधिक वाहनों के मामले में उदयपुर चौथे पायदान पर है। जयपुर, जोधपुर के बाद संभाग के चित्तौड़गढ़ जिले में सर्वाधिक हादसे होते हैं।

परिवहन विभाग के एक साल के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो उदयपुर में 377 हादसों में 159 लोगों की जान गई और 584 लोग घायल हुए। जिले में साढ़े तीन लाख से अधिक वाहनों की तुलना में हादसों की कम संख्या लेकसिटीवासियों व यहां आने वाले पर्यटकों के लिए भी अच्छा संकेत है।

सड़क दुर्घटनाओं का औसत कम होने की वजह फोरलेन निर्माण ही है। नाथद्वारा मार्ग पर ट्रैफिक कम करने के कारण भी दुर्घटनाओं में कमी आई है। दुर्घटनाओं को कम करने के लिए हाइवे पर ड्राइवरों के लिए रेस्ट पॉइंट बनाए जाएं। इन स्थानों पर बेहतर भोजन व नाश्ते की व्यवस्था की जाए। इससे चालक हमेशा चुस्त रहेंगे। ओवरटेकिंग को अवायड करने पर भी हादसों में और कमी लाई जा सकती है। वाहन गति भी निर्धारित सीमा में रखी जानी चाहिए।

मुकुलराज, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी
चित्तौड़गढ़ में सवा चार सौ हादसों ने हर लिए 388 प्राण संभाग में चित्तौड़गढ़ जिले की स्थिति चिंताजनक है, जहां 425 दुर्घटनाओं में 388 लोगों की मौत हो गई। संभाग के डूंगरपुर जिले में 315 हादसों में 119, बांसवाड़ में 778 हादसों में 289 तथा राजसमंद में 508 हादसों में 173 लोगों की जान गई।

जयपुर में डेढ़ हजार लोगों की मौत
जयपुर में बढ़ते यातायात के कारण बीते वर्ष एक हजार 404 लोगों की मृत्यु का कारण सड़क दुर्घटना रहा। कुल दुर्घटनाओं का आंकड़ा 5 हजार 35 रहा। दूसरे स्थान पर रहने वाले जोधपुर जिले में एक हजार 698 हादसों में 540 लोगों की मौत हो गई। प्रदेश में सर्वाधिक सुखद स्थिति जालौर जिले की है, जहां 132 हादसों में 65 मौतें हरुई।

प्रदेश में मौत का आंकड़ा आठ हजार पार
प्रदेश स्तर पर बीते वर्ष 8 हजार 143 लोगों की मृत्य़ु सड़क हादसे में हुई। प्रदेश में 2007-2008 में 57 लाख 72 हजार 480 वाहन पंजीकृत हैं। सबसे अधिक वाहन 13 लाख 989 जयपुर में हैं। दूसरे नंबर पर जोधपुर है,जहां 4 लाख 84 हजार 657 वाहन रजिस्टर्ड हैं। लेकसिटी चौथे नंबर पर है जहां 3 लाख 46 हजार 129 वाहन पंजीकृत हैं। प्रदेश स्तर पर सड़क दुर्घटना का ब्यौरा
वर्ष दुर्घटनाएं मृतक घायल
2001-02 19,999 5187 25,994
2007-08 23,885 8143 31,155





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