फतहनगर (उदयपुर).
पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय की दूसरी पीठ के विट्ठलेश भगवान अगले साल ब्रज यात्रा करेंगे। 45 दिन में ब्रज की चौरासी कोस की परिक्रमा करेंगे। इसकी शुरुआत 24 अगस्त को होगी।
पीठाधीश गोस्वामी कल्याणरायजी के पुत्र हरिराय बावा तथा वागधीश बावा ने ‘भास्कर’ से बातचीत में बताया कि 21 अगस्त को ठाकुरजी की यात्रा दाहोद के गोवर्धननाथ मंदिर से शुरू होगी। उन्हें सुखपाल-पालकी में विराजित कर ट्रेन के स्पेशल कोच से ले जाया जाएगा।
गाजे-बाजे के साथ ठाकुरजी मथुरा पहुंचेंगे, जहां शोभायात्रा निकाली जाएगी। दो दिन विश्राम के बाद ऋषि पंचमी (24 अगस्त) को चन्द्रावलीजी का उत्सव व मबुधन में पनघट के मनोरथ के साथ यात्रा शुरू होगी। प्रभुश्री विट्ठलेश ब्रजयात्रा समिति ने ठाकुरजी की यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
कुंज-गलियों में रहेगी उत्सव की धूम
प्रभु विट्ठलेश की ब्रजयात्रा के दौरान बहुलावन में गोचारण, कुमुदवन में छाकलीला व हिंडोला के मनोरथ होंगे। गोकुल में फूल का पलना, फूल मंडली व नवनिकुंज, मथुरा में नाव मनोरथ, गिरिराजजी में कुंडवारा (गिरिराजजी), वृंदावन में छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी।
कामवन में माखनचोरी, दानघाटी (गोवर्धनजी) में दान व केल बंगला का मनोरथ होगा। चीरघाट में चीरहरण के बाद वृंदावन में शारदोत्सव की धूम मचेगी। बरसाना में विवाह खेल मनोरथ, फल-रंग-सूखे मेवे की सांझी, फूल का हिंडोला, मानसी गंगा में मानसी गंगा, दीप दान, केले का हिंडोला, बरसाना में दानगढ़-मानगढ़, मोरकुटी-पुष्प वितान, गुलाल कुंड में होरी, फूल फाग, ब्रजकमल के साथ ही चन्द्र सरोवर में रास सहित दूसरे उत्सव होंगे।