bhaskar Web English
HomeNewsNational National

..और हो गया सिंगूर विवाद पर समझौता

कोलकात्ता.ममता बनर्जी ने सिंगूर मामले पर सरकार के साथ समझौता हो जाने के बाद अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी है। प. बंगाल के राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी ने आज ममता बनर्जी और राज्य के मुख्यमंत्री को राजभवन बुलाया जहां पर यह पूरा समझौता हुआ है।

कमेटी करेगी किसको कितना मुआवजा दिया जाए

इसके बाद राज्यपाल ने एक प्रेस सम्मेलन के दौरान इस समझौते के बारे में बताते हुए कहा है कि सिंगूर का विवाद हल कर लिया गया है और राज्य सरकार उन किसानों को समुचित मुहावजा देगी जो अभी तक अपना सही हक नहीं पा सके है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किसानों को किस तरह और कितनी जमीन दी जाएगी। इस बात का फैसला एक कमेटी करेगी जो एक सप्ताह के दौरान इस बात का फैसला करेगी। पश्चिम बंगाल सरकार ममता बनर्जी की उस मांग को मान चुकी है जिसमें ममता ने किसानों को जमीन के बदले जमीन देने की मांग की थी।

राजभवन की भूमिका ने दिखाया रंग

शुक्रवार से ही राजभवन ने राज्य की जनता और राज्य के औद्योगिक विकास को ध्यान में रखकर सिंगूर विवाद के हल के लिए प्रयास शुरु कर दिए थे। आज ममता बनर्जी और राज्य के मुख्यमंत्री के बीच राजभवन में लंबी बातचीत हुई। ममता लगातार किसानों को जमीन के बदले जमीन दिए जाने की बात पर अड़ी रही।

जमीन के बदले जमीन का समझौता

अतत: राज्य की पश्चिम बंगाल सरकार ने किसानों को जमीन के बदले जमीन देने की बात मान ली है और अब सिंगूर विवाद पर समझौता हो गया है। हालांकि अभी इस बात की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

आज राजभवन में राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी के बुलावे पर ममता बनर्जी और राज्य के मुख्यमंत्री के बीच लंबी चर्चा चली और इस चर्चा के बाद दोनों पक्षों में जमीन विवाद पर सहमति बन गई है।

विवाद एक नजर में

28 माह पुराना

कितनी जमीन का नैनो परियोजना के लिए अधिग्रहण 997.11 एकड़

ममता क्यों हुई थी नाराज

ममता बनर्जी का कहना था कि सरकार ने जो जमीन अधिग्रहण की है उसमें 400 एकड़ जमीन किसानों की मर्जी के खिलाफ ली गई है इसलिए उसे वापस करने की वह मांग कर रही थी।

क्या है नैनो परियोजना

नैनो परियोजना के तहत टाटा कंपनी विश्व की सबसे सस्ती कार टाटा नैनो के नाम से बनाने का दावा किया है जिसे इस बर्ष लांच किया जाना है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: