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International International इस्लामाबाद.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति चुनाव में आसिफ अली जरदारी ने भले ही एक बड़ी जीत दर्ज की हो, लेकिन इस घाघ राजनेता को अब अपनी छवि सुधारने की दिशा में काम करना होगा। उन्हें अवाम का भरोसा जीतने के अलावा खुद पर लगे भ्रष्टाचार के पुराने दाग भी धोने होंगे।
पाकिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव पर देश के अखबारों ने रविवार को अपने संपादकीय में जेल से राष्ट्रपति पद तक की जरदारी की यात्रा का उल्लेख करते हुए सवाल किया है कि क्या वे राजनीतिक नेतृत्व की जरूरतों पर खरा उतर पाएंगे।
पाकिस्तान के सबसे पुराने अंग्रेजी अखबार ‘द डॉन’ ने लिखा है कि देश में पहले भी अनेक विवादास्पद राष्ट्रपति रहे हैं, लेकिन पद ग्रहण करते समय उनमें से कोई भी जरदारी जितना विवादास्पद नहीं रहा। जरदारी को अब इस आम धारणा को खत्म करना होगा कि परदे के पीछे से राजनीतिक सौदेबाजी में उन्हें महारत हासिल है।
जरदारी पर अवाम के कम भरोसे की ओर इशारा करते हुए कहा गया कि यदि वे राष्ट्रपति की शक्तियों में कटौती करने के अपने वादे को नहीं निभाते हैं तो उनकी विश्वसनीयता और कम हो जाएगी।
‘फ्रंटियर पोस्ट’ के अनुसार, यह कहना गलत होगा कि जरदारी के साथ छवि की समस्या नहीं है। अब सब-कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि वे अपने पद की जिम्मेदारियां किस तरह से निभाते हैं और कमजोर होती अर्थव्यवस्था और बढ़ते आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए सरकार की कितनी मदद करते हैं। ‘द डेली टाइम्स’ ने लिखा कि जरदारी को एक ‘घाघ राजनेता’ की अपनी छवि को एक ‘अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिज्ञ’ के रूप में बदलने की जरूरत है।
इसी हफ्ते शपथ लेंगे जरदारी
पाकिस्तान के नए राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी अपने पद की शपथ सोमवार या मंगलवार को ले सकते हैं। यह जानकारी सूचना मंत्री शेरी रहमान ने एक टीवी चैनल को दी। हालांकि सत्तारूढ़ पीपीपी के सूत्रों ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह की आधिकारिक घोषणा किए जाने से पहले जरदारी अपने बेटे व पीपीपी के चेअरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी के लंदन से लौटने का इंतजार करेंगे।
मनमोहन सिंह ने बधाई दी
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आसिफ अली जरदारी को पाकिस्तान का राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा, ‘आपके राष्ट्रपति बनने के मौके पर मैं आपको यह संदेश देना चाहूंगा कि भारत की सरकार और जनता दोनों देशों के बीच मित्रता व सहयोग बढ़ाने की इच्छुक है।’