इंदौर.
हर ओर गणोश उत्सव की धूम छा रही है। कहीं विभिन्न स्वरूपों में गणपति दर्शन दे रहे हैं तो कहीं मंदिरों में महाआरती में हजारों की भीड़ उमड़ रही है। कहीं मेले भी सजे हैं और भजन संध्या में प्रसिद्ध गायक भाग ले रहे हैं।
मरीमाता चौराहे स्थित प्राचीन गणोश मंदिर में रोजाना शाम को महाआरती हो रही है। प्रतिमा को प्रतिदिन अलग आकर्षक स्वरूप में स्वर्ण, चांदी, सूखे मेवे, भांग आदि से सजाया जा रहा है।
महाआरती में गणोश वंदना के साथ ही भगवान विष्णु, शंकर, माताजी की आरती भी हो रही है। यहां भी मेला लगा है। आयोजक राजेंद्र शुक्ला और गोलू शुक्ला ने बताया 31 साल पहले एक छोटे स्वरूप में शुरू हुआ उत्सव अब बड़े स्तर पर होने लगा है। रोजाना रात में प्रसिद्ध गायकों की भजन संध्या हो रही है। श्रीधर कैलाश शर्मा और कमल आहूजा की भजन संध्या आयोजित हुई।
एकदंत, वक्रतुंड आदि स्वरूपों में दर्शन : आड़ा बाजार स्थित गणोशोत्सव आयोजन में एक ही मूर्ति में गणोशजी के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन हो रहे हैं।पं. पवन कुमार त्रिवेदी ने बताया एकदंत, व्रकतुंड, सुमुखाय, कपिल, गजकर्ण आदि स्वरूपों में गणोशजी के दर्शन हो रहे हैं। शाम को आरती के साथ ही भजन-कीर्तन में युवा उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं।
बच्चों का उत्साह भी.. : प्राचीन सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर परिसर में भी गणोशोत्सव उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यहां रिद्धि-सिद्धि के साथ गणपति विराजे हैं।
आयोजक ओम सिलावट ने बताया बच्चों के लिए विशेष गायन प्रतियोगिता आयोजित हो रही है। नर्मदेश्वर गणोशोत्सव समिति बड़ा गणपति पर बच्चों द्वारा मूषक पर सवार गणोशजी की प्रतिमा स्थापित की गई है। 15 वर्षो से पहले यह आयोजन बच्चों ने शुरू किया था। किशोर मालानी कहते हैं बच्चों के उत्साह को देखते हुए अब बड़े भी उनका उत्साह बढ़ाते हैं।
ठाकुर ग्रुप द्वारा सातवें वर्ष भी ठाकुर आटा चक्की, वीणानगर में आकर्षक गणोश प्रतिमा विराजित की गई है। ग्रुप के अभिलेश ठाकुर, अखिलेश ठाकुर, विशाल रावत एवं कपिल साल्वी ने बताया रोजाना सुबह-शाम आरती के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।