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इस साल एरियर मुश्किल

इंदौर. raghav वित्तमंत्री राघवजी मानते हैं इस वित्तीय वर्ष में एरियर दे पाना मुश्किल है। उधर, अध्यापक (शिक्षाकर्मी), संविदा शिक्षक जैसे कर्मचारियों की स्थिति स्पष्ट नहीं है कि इन्हें इस बार से नया वेतनमान मिलेगा या नहीं। इन्हीं मुद्दों को लेकर भास्कर संवाददाता अमित मंडलोई ने वित्तमंत्री राघवजी से चर्चा की..

>> एरियर का फामरूला कब तक तय हो जाएगा।
- इस पर काम चल रहा है। जल्द ही वर्क आउट कर लेंगे।
>> 34 हजार करोड़ के सालाना बजट में से 10 हजार करोड़ का एरियर दे पाएंगे।
-इस वित्तीय वर्ष में एरियर देना मुश्किल है। केंद्र सरकार भी तीन टुकड़ों में दे रही है।
>> क्या नए सेलेरी स्लेब बना लिए गए हैं।
- हां इस पर काफी हद तक काम हो चुका है। बाकी निर्धारित समय में पूरा हो जाएगा।
>> शिक्षाकर्मी, संविदा शिक्षक जैसे कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ।
- इस बारे में विचार चल रहा है। फिलहाल और कुछ नहीं कह सकता।
>> घोषणा से प्रदेश की वित्तीय स्थिति तो नहीं गड़बड़ाएगी।
- नए वेतनमान के लिए थोड़ी गुंजाइश तो पहले से ही रखी थी। थोड़ा एडजस्टमेंट तो करना ही पड़ेगा।
>> बजट में तो केवल वेतन आयोग गठित किया था, जो दिसंबर में रिपोर्ट देगा।
- आयोग के अलावा भी प्रावधान किए गए थे।
>> अब मप्र वेतन आयोग का क्या होगा
- सारी बातों को अंतिम रूप तो वेतन आयोग ही देगा।
>> चुनाव की वजह से जल्दबाजी में की गई घोषणा तो नहीं।
- भाजपा शुरू से ही राज्य के कर्मचारियों को भी केंद्र के समान वेतन देने की पक्षधर रही है।

कर्मचारी संघ ने सुझाए दो तरीके
मप्र तृतीय वर्ग शा. कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष एल.एन. कैलासिया कहते हैं जस का तस एरियर मिलना ही चाहिए। इसके लिए हमने सरकार को तरीके सुझाए हैं। या तो सरकार दो किस्तों में एरियर का भुगतान कर दे अथवा पांचवें वेतनमान की तरह एकमुश्त राशि भविष्य निधि खाते में जमा कर उस पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दे। इससे कर्मचारियों को कम से कम उस राशि पर ब्याज तो मिल सकेगा।

आयोग तय करेगा वेतन बेंड
वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार राज्य में छठा वेतनमान लागू करने के लिए बना राज्य वेतन आयोग केंद्र के अनुसार वेतन बैंड तय करेगा। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इस बारे में आयोग को चिट्ठी दी जाएगी। आयोग वेतन बैंड तय करने के बाद शासन को भेजेगा जिसके आधार पर राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद राज्य के करीब नौ हजार आहरण वितरण अधिकारियों को नए वेतन बैंड के अनुसार कर्मचारियों के लिए खजाने से वेतन आहरित करने के निर्देश जारी होंगे।

सभी को बढ़ी हुई तनख्वाह, तय नहीं
राज्य के सभी कर्मचारियों को सितंबर माह की अक्टूबर में मिलने वाली तनख्वाह बढ़ी हुई मिलेगी, अभी यह तय नहीं है। वित्त विभाग के अनुसार राज्य शासन की अधिसूचना जारी होने के बाद नए वेतनमान के अनुसार प्रत्येक कर्मचारी का वेतन पर्ची बनेगी।

कार्यालयों में 20 तारीख के बाद ही वेतन बिल का काम शुरू हो जाता है। ऐसे में 20 सितंबर से पहले ही पे बेंड के संबंध में अधिसूचना जारी हुई तो ही कर्मचारियों को ही अगले महीने बढ़ी हुई तनख्वाह मिल सकती है। ऐसा नहीं होने की स्थिति में जब भी बढ़ी हुई तनख्वाह मिलेगी, पिछले महीनों का एरियर मिलेगा।





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