जयपुर. जयपुर तथा अहमदाबाद में सीरियल बम ब्लास्ट को अंजाम देने वाले सिमी के लोगों को जोधपुर से जकात के नाम पर आर्थिक सहायता मिली थी। यह सहायता जोधपुर के दो लोगों ने एकत्र की थी। इन दोनों व्यक्तियों को शुक्रवार को जोधपुर से हिरासत में जयपुर लाया गया था।
विशेष जांच दल (एसआईटी) ने रविवार को इन्हें गिरफ्तार कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। एडीजी क्राइम एके जैन ने बताया कि गिरफ्तार मोहम्मद सोहेल मोदी पुत्र अब्दुल मजीद तथा मोहम्मद आजम गजधर पुत्र आदिल गजधर जोधपुर के रहने वाले हैं।
एसआईटी की टीम शुक्रवार को इन्हें जोधपुर से जयपुर लेकर आ रही थी तो समुदाय विशेष के लोग आक्रोशित हो गए थे। इससे एकबारगी तनाव का माहौल बन गया था। आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि अहमदाबाद तथा जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट के आरोपी साजिद उर्फ सलीम तथा उसके साथ अन्य प्रदेशों से आए व्यक्तियों को जोधपुर में होटल एवं अन्य स्थानों पर ठहराने तथा मीटिंग आयोजित करने में इन दोनों का पूर्ण सहयोग रहा है।
जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट में दोनों आरोपियों की भूमिका के बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है। इससे पहले एसओजी 25 अगस्त को प्रतिबंधित संगठन सिमी चलाने के आरोप में विधि विरुद्ध क्रियाकलाप अधिनियम के तहत सात तथा 31 अगस्त को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
गुजरात में लिया प्रशिक्षण
पूछताछ में सामने आया है कि जनवरी 08 में गुजरात के अलोल में सिमी के कैंप में सोहेल तथा आजम भी गए थे। इसके लिए दोनों को रेल टिकट भी दिया गया था। इस कैंप में विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया था।
साजिद ने जोधपुर में की थी मीटिंग
आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि प्रदेश के कोटा, बारां, बूंदी, सवाई माधोपुर, अजमेर, जयपुर सहित कई जिलों में साजिद मंसूरी ने दौरा कर प्रतिबंधित संगठन एवं गैर कानूनी गतिविधियों में प्रदेश के लोगों को शामिल किया। जोधपुर में साजिद ने कई बैठकें आयोजित कीं। इनमें केरल का सिबली, मध्यप्रदेश का सफदर नागौरी, गुजरात का आरिफ, महाराष्ट्र का सुभान उर्फ तौकीर भी शामिल हुआ। बैठकों में दहशतगर्दी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियां करने की बातें कही गई थीं।
..और कोटा में बनाया कोर ग्रुप
सिमी पर प्रतिबंध लगने के बाद बम ब्लास्ट का आरोपी सूरत निवासी साजिद मंसूरी वर्ष02 में परिवार सहित कोटा आया था। यहां उसने खुद का नाम सलीम रखा और सिमी की गतिविधियां चलाने, विध्वंसक तथा देश विरोधी गतिविधियां चलाने के लिए एक कोर ग्रुप का गठन किया था।